अयोध्या 15 अप्रैल (आरएनएस)। अंबेडकर जयंती के अवसर पर साकेत पीजी कॉलेज, अयोध्या में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व आईपीएस अधिकारी डॉ. बी.पी. अशोक और विशिष्ट वक्ता के रूप में अयोध्या के एडीएम के.के. अशोक और डॉ. नरेन्द्र कुमार, असिस्टेंट प्रोफेसर, संत तुलसीदास पीजी कॉलेज कादीपुर सुलतानपुर उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वक्ताओं ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। पूर्व आईपीएस अधिकारी डॉ. बी.पी. अशोक ने कहा कि बाबा साहेब के संघर्षों और कोशिश से प्रेरणा लेते हुए समाज के सभी वर्गों को समाज-निर्माण और राष्ट्र-निर्माण में अपना योगदान देना चाहिए। उन्होंने डॉ. अम्बेडकर के सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक चिन्तन पर विस्तार से प्रकाश डाला। डॉ. अशोक ने निरंतर अध्ययन और लेखन के महत्व पर बल देते हुए कहा कि इससे व्यक्ति के व्यक्तित्व में निरंतर निखार आता है। एडीएम कौशल किशोर अशोक ने अपने संबोधन में कहा कि प्रशासनिक पदों पर रहते हुए भी सामाजिक प्रतिबद्धताओं को निभाना संभव है। उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि पहले शिक्षित बनें, फिर संगठित हों और उसके बाद ही संघर्ष की दिशा में आगे बढ़ें। बिना अध्ययन और संगठन के संघर्ष करने से सफलता की संभावना कम हो जाती है। डॉ. नरेन्द्र कुमार ने कहा कि भारतीय समाज में दो चीजों का पूर्ण अभाव हैकृपहला, सामाजिक-आर्थिक स्तर पर समानता; दूसरा, बंधुत्व की भावना। अगर हम समृद्ध राष्ट्र और विकसित भारत चाहते हैं तो हमें इस अभाव को भाव में बदलना ही पड़ेगा। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. दानपति तिवारी ने अपने वक्तव्य में कहा कि यदि डॉ. अंबेडकर के विचारों को समग्रता में समझा जाए तो समाज में किसी भी प्रकार का स्थायी बैरभाव या ऊंच-नीच की भावना नहीं रह सकती, चाहे व्यक्ति किसी भी सामाजिक पृष्ठभूमि से आता हो। इस अवसर पर आयोजित गोष्ठी में सांस्कृतिक परिषद के अध्यक्ष असीम त्रिपाठी, संगोष्ठी के संयोजक डॉ. अखिलेश कुमार, डॉ. वेद प्रकाश वेदी एवं डॉ. बृजेश कुमार का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अखिलेश कुमार ने कुशलतापूर्वक किया। विश्व ज्ञान दिवस पर ऑनलाइन मोड में आयोजित परीक्षा, जिसमें डॉ. बी.आर. अम्बेडकर के व्यक्तित्व व कृतित्व पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे गए थे, में टॉप टेन विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र तथा प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कार के रूप में प्रमाण पत्र व नकद राशि भी प्रदान की गई। कार्यक्रम के अंत में सांस्कृतिक परिषद के अध्यक्ष डॉ. असीम त्रिपाठी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। संगोष्ठी में महाविद्यालय के अनेक प्राध्यापक, कर्मचारी व छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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