लखनऊ 16 अप्रैल (आरएनएस )अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण बिल को भाजपा और उसके सहयोगियों का एक नया धोखा बताते हुए इसे ‘काला दस्तावेजÓ करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह बिल दरअसल कुछ प्रभावशाली वर्गों की एक ऐसी गुप्त योजना है, जिसमें पिछड़े और दलित समाज की महिलाओं को लंबे समय तक कमजोर बनाए रखने की साजिश छिपी हुई है। उनका आरोप है कि इस बिल के माध्यम से उन्हें वास्तविक जन प्रतिनिधित्व से वंचित रखने का एक चक्रव्यूह तैयार किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल वर्चस्ववादी सोच रखने वाले लोगों की हार की हताशा और महिलाओं के प्रति शोषणकारी तथा दमनकारी सामंती मानसिकता से प्रेरित है। उनके अनुसार यह बिल जनहित में नहीं, बल्कि राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से लाया गया है और यह एक ‘जनविरोधी जुमलेÓ से अधिक कुछ नहीं है।अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश और देश की जागरूक महिलाएं अब पहले की तरह किसी के बहकावे या छलावे में आने वाली नहीं हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि महिलाएं इस बिल के वास्तविक उद्देश्य को समझेंगी और भाजपा की कुटिल राजनीति को पहचानेंगी। उनका कहना था कि यह बिल भाजपा की राजनीति का मुखौटा उतारने का काम करेगा और जनता के सामने उसकी मंशा स्पष्ट हो जाएगी।उन्होंने आगे कहा कि जैसे-जैसे भाजपा के प्रति जनता का विरोध बढ़ेगा, वैसे-वैसे इस प्रकार के और भी कई विधेयक सामने लाए जाएंगे, जिनकी मूल मंशा पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों की बढ़ती एकजुटता को कमजोर करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में बने रहने के लिए भाजपा इस तरह के कदम उठा रही है।अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा अब अपने राजनीतिक कार्यकाल के अंतिम दौर में पहुंच चुकी है और जनता के बीच उसकी नीतियों के प्रति असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जनता आने वाले समय में ऐसे सभी प्रयासों का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी और सामाजिक न्याय तथा समान प्रतिनिधित्व के मुद्दों को मजबूत बनाएगी।
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