लखनऊ, 16 अप्रैल (आरएनएस ) । उत्तर प्रदेश शासन एवं पुलिस महानिदेशक के निर्देशों के क्रम में अमरेन्द्र कुमार सेंगर के कुशल निर्देशन में आईटी एक्ट से संबंधित कानून विषय पर एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम रिजर्व पुलिस लाइन्स स्थित संगोष्ठी सदन में संपन्न हुआ।कार्यक्रम का आयोजन संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध एवं मुख्यालय) अपर्णा कुमार, संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) बबलू कुमार तथा पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) अमित कुमावत के प्रभावी मार्गदर्शन में किया गया। कार्यशाला का संचालन सहायक पुलिस आयुक्त (महिला अपराध/ट्रेनिंग सेल) सौम्या पाण्डेय के पर्यवेक्षण में संपन्न हुआ।पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के अंतर्गत प्रशिक्षण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यशाला में साइबर अपराधों की विवेचना में आने वाली चुनौतियों, साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की वैधानिक स्वीकार्यता तथा प्रभावी अभियोजन सुनिश्चित करने के उपायों पर विशेष जोर दिया गया।कार्यशाला में सभी थानों पर नियुक्त आईटी एक्ट के विवेचक तथा वर्ष 2015 बैच के एक-एक उपनिरीक्षक ने प्रतिभाग किया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में लगभग 35 प्रतिभागियों की सहभागिता रही। कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए प्रस्तुतीकरण, तकनीकी उपकरणों और समन्वय की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी।प्रशिक्षण सत्र में विशेषज्ञ प्रशिक्षक अभियोजन अधिकारी एम.पी. चौहान तथा सहायक अभियोजन अधिकारी प्रवीण तिवारी द्वारा प्रतिभागियों को आईटी एक्ट से जुड़े विधिक एवं प्रक्रियात्मक पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं, डिजिटल साक्ष्यों के संकलन तथा विवेचना के दौरान बरती जाने वाली तकनीकी सावधानियों के संबंध में विस्तार से मार्गदर्शन प्रदान किया।प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को आईटी एक्ट के अंतर्गत पंजीकृत अभियोगों की विवेचना प्रक्रिया, साइबर अपराधों में साक्ष्य संकलन एवं संरक्षण के विधिक प्रावधान, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की वैधानिक स्वीकार्यता और प्रस्तुतीकरण, मोबाइल एवं लैपटॉप जैसे डिजिटल उपकरणों से डाटा रिकवरी और विश्लेषण के आधारभूत सिद्धांतों की जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त साइबर अपराधों की जांच में आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान, प्रभावी अभियोजन के लिए केस डायरी लेखन तथा साक्ष्य संकलन की तकनीकों पर भी विस्तार से प्रशिक्षण प्रदान किया गया।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पुलिस अधिकारियों को आईटी एक्ट से संबंधित मामलों की विवेचना की बारीकियों से अवगत कराना था, ताकि वे थानों पर दर्ज साइबर अपराधों की प्रभावी ढंग से जांच कर सकें और न्यायालय में मामलों को सुदृढ़ रूप से प्रस्तुत किया जा सके। प्रशिक्षकों द्वारा आईटी एक्ट की जटिलताओं और कानूनी पहलुओं पर विशेष मार्गदर्शन दिया गया, जिससे विवेचकों की तकनीकी एवं विधिक दक्षता को मजबूत किया जा सके।पुलिस कमिश्नरेट द्वारा भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित करने की योजना बनाई गई है। साथ ही प्रशिक्षण मॉड्यूल को और अधिक उन्नत एवं विषय-वस्तु आधारित बनाते हुए अभियोजन अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर मामलों में उच्च गुणवत्ता का अभियोजन सुनिश्चित करने पर बल दिया जाएगा।यह प्रशिक्षण कार्यशाला पुलिस अधिकारियों की तकनीकी और विधिक क्षमता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई। आईटी एक्ट से संबंधित मामलों में प्रभावी विवेचना, साक्ष्य संकलन और अभियोजन की गुणवत्ता को बढ़ाने में इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम अत्यंत उपयोगी माने जा रहे हैं।
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