महिलाओं को 33्र आरक्षण देकर मोदी सरकार ने दिया ऐतिहासिक अधिकार
सुलतानपुर 16 अप्रैल (आरएनएस )। केएनआईपीएसएस प्रबंधन संस्थान की निदेशक डॉ. इन्द्रजीत कौर ने मोदी सरकार द्वारा पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम भारत की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान न केवल उनके प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करेगा, बल्कि नीति निर्माण और निर्णय प्रक्रिया में उनकी प्रभावी भागीदारी भी तय करेगा।
डॉ. कौर ने कहा कि वर्ष 2023 में संसद द्वारा पारित यह विधेयक लंबे समय से चली आ रही उस कमी को दूर करेगा, जिसमें महिलाओं की संख्या विधानमंडलों में अपेक्षाकृत कम रही है। अब महिलाओं की आवाज़ अधिक मजबूती से उठेगी और उनके मुद्दों को उचित स्थान मिलेगा। उन्होंने आगे कहा कि यह अधिनियम केवल राजनीतिक भागीदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और रोजगार जैसे अहम क्षेत्रों में भी महिलाओं की भूमिका को सशक्त करेगा। इससे समाज में लैंगिक समानता को बढ़ावा मिलेगा और देश के लोकतंत्र को नई मजबूती प्राप्त होगी। डॉ. इन्द्रजीत कौर ने विश्वास जताया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम आने वाले समय में भारत के सामाजिक और राजनीतिक ढांचे में सकारात्मक और व्यापक परिवर्तन लाएगा।+
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