गोरखपुर 16 अप्रैल (आरएनएस )। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि टाटा टेक्नोलॉजीज द्वारा गोरखपुर में स्थापित उत्कृष्टता केन्द्र युवाओं के भविष्य को संवारने का एक सशक्त मंच है। यह गोरखपुर ही नहीं, बल्कि पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिम-उत्तर बिहार तथा नेपाल की तराई क्षेत्र से जुड़े युवाओं, अन्नदाता किसानों तथा महिलाओं के लिए तकनीक का प्रमुख केन्द्र बनकर पूरे देश को नई दिशा प्रदान करेगा। कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं उभरती प्रौद्योगिकियों पर आधारित यह उत्कृष्टता केन्द्र प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने तथा भविष्य की आवश्यकताओं की पूर्ति करने में सहायक सिद्ध होगा।मुख्यमंत्री महाराणा प्रताप प्रौद्योगिकी संस्थान, गोरखपुर में टाटा समूह के सहयोग से स्थापित उत्कृष्टता केन्द्र के उद्घाटन के उपरांत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रयोगशाला का शुभारम्भ किया तथा उत्कृष्टता केन्द्र के दृष्टि दस्तावेज एवं समावेशी कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा उत्तर प्रदेश दस्तावेज का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने नवाचार आधारित उद्यमों पर केन्द्रित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम में संस्थान तथा टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के संयुक्त प्रयासों से ‘सभी के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता जागरूकता कार्यक्रमÓ में एक सप्ताह में सर्वाधिक पंजीकरण कर विश्व कीर्तिमान स्थापित किए जाने की घोषणा की गई तथा इसका प्रमाण-पत्र मुख्यमंत्री को प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में संस्थान तथा विभिन्न संस्थाओं के मध्य सहमति पत्रों का आदान-प्रदान भी किया गया।मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर और विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण के लिए तैयार की गई कार्ययोजना में यह उत्कृष्टता केन्द्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता, आंकड़ा विज्ञान, साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, ड्रोन तथा त्रि-आयामी मुद्रण जैसी आधुनिक तकनीकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया जा सकेगा।उन्होंने कहा कि यह उत्कृष्टता केन्द्र तकनीकी उन्नयन, अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देगा तथा नवाचार, स्टार्टअप, पेटेंट और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को नई गति प्रदान करेगा। एक समय पूर्वी उत्तर प्रदेश को पिछड़ा क्षेत्र माना जाता था, लेकिन यह केन्द्र युवाओं, किसानों और महिलाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाकर पूरे क्षेत्र को समृद्ध बनाने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी भारत की सदी है और इस सदी की नींव युवा शक्ति तथा महिला शक्ति पर आधारित होगी, जिसमें तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज आधारभूत संरचना और विनिर्माण के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है। पिछले वर्षों में प्रदेश ने स्वयं को बेहतर सड़कों, विद्युत आपूर्ति और निवेश के अनुकूल वातावरण के माध्यम से विकास के नए आयाम दिए हैं। प्रदेश में द्रुतगामी मार्गों का व्यापक जाल विकसित हुआ है और शीघ्र ही गंगा द्रुतगामी मार्ग राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा।उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में मोबाइल निर्माण का लगभग 55 प्रतिशत तथा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के 60 प्रतिशत पुर्जे निर्मित हो रहे हैं। प्रदेश में लगभग 96 लाख सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग इकाइयां संचालित हैं तथा 22 हजार से अधिक नव उद्यम प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति दे रहे हैं। लखनऊ को रक्षा औद्योगिक गलियारा तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता नगर के रूप में विकसित किया जा रहा है, जबकि बुन्देलखण्ड क्षेत्र में नई औद्योगिक नगरी तथा औषधि पार्क की स्थापना की जा रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ड्रोन प्रौद्योगिकी, रोबोटिक्स, साइबर सुरक्षा तथा त्रि-आयामी मुद्रण जैसे क्षेत्रों में दक्ष बनाना समय की आवश्यकता है। इन क्षेत्रों में प्रशिक्षण एवं पाठ्यक्रम प्रारम्भ किए जाने से प्रदेश के युवा नई तकनीकों में दक्ष बन रहे हैं। तकनीक का उपयोग कृषि, स्वास्थ्य तथा जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक रूप से किया जा सकता है और उत्तर प्रदेश संभावनाओं से परिपूर्ण प्रदेश है।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए टाटा संस के अध्यक्ष एन. चन्द्रशेखरन ने कहा कि यह उत्कृष्टता केन्द्र कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा, त्रि-आयामी मुद्रण, अंतरिक्ष तथा ड्रोन प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और जीवन में व्यापक परिवर्तन लाने में सहायक सिद्ध होगा।इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षाविद तथा अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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