लखनऊ, 16 अप्रैल (आरएनएस ) । राजधानी में संगठित अपराध के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्लॉट के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह की लगभग 5 करोड़ 78 लाख 60 हजार 250 रुपये मूल्य की चल और अचल संपत्तियों को गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क कर लिया। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त लखनऊ अमरेन्द्र सिंह सेंगर के निर्देशानुसार संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) बब्लू कुमार के निर्देशन, पुलिस उपायुक्त दक्षिणी अमित कुमार आनन्द के पर्यवेक्षण तथा अपर पुलिस उपायुक्त रल्लापल्ली बसंथ कुमार एवं सहायक पुलिस आयुक्त मोहनलालगंज विकास कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन में थाना मोहनलालगंज, नगराम पुलिस और राजस्व टीम द्वारा संयुक्त रूप से की गई।पुलिस के अनुसार प्रभारी निरीक्षक मोहनलालगंज ब्रजेश कुमार त्रिपाठी एवं थानाध्यक्ष नगराम विवेक कुमार चौधरी के नेतृत्व में गैंग लीडर प्रमोद कुमार उपाध्याय तथा गैंग सदस्य विनोद कुमार उपाध्याय की संपत्तियों को गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के अंतर्गत कुर्क किया गया। गिरोह में मदन राम, ओंकारनाथ पाण्डेय तथा सीमा उपाध्याय भी सदस्य के रूप में शामिल बताए गए हैं। सभी अभियुक्त मूल रूप से जनपद बलिया के निवासी हैं, जबकि वर्तमान में लखनऊ के बिजनौर क्षेत्र स्थित ओमेक्स सिटी में निवास कर रहे थे।पुलिस जांच में सामने आया कि अभियुक्तगण संगठित गिरोह बनाकर भोले-भाले लोगों को आवासीय योजनाओं में प्लॉट दिलाने के नाम पर झांसा देते थे। यह लोग स्वयं को प्रतिष्ठित रियल एस्टेट कंपनी का प्रतिनिधि बताकर लोगों को आकर्षक ऑफर देते थे और उन्हें फर्जी या विवादित भूमि दिखाकर रजिस्ट्री करवा देते थे। रजिस्ट्री होने के बाद पीडि़तों को पता चलता था कि भूमि या तो अस्तित्व में नहीं है या अभियुक्तों का उस पर कोई स्वामित्व नहीं है। इसके बाद धन वापसी के नाम पर लगातार टालमटोल की जाती थी और विरोध करने पर पीडि़तों को धमकाया भी जाता था।विशेष रूप से यह गिरोह सेना एवं अद्र्धसैनिक बलों के कर्मियों को निशाना बनाता था। उनकी ड्यूटी संबंधी व्यस्तताओं का लाभ उठाते हुए अभियुक्त उन्हें सीमित समय में भूमि दिखाकर रजिस्ट्री करवा देते थे। इस प्रकार योजनाबद्ध तरीके से अनेक लोगों को धोखा देकर गिरोह ने अवैध रूप से बड़ी मात्रा में धन अर्जित किया। वर्ष 2020 से अब तक थाना मोहनलालगंज, पीजीआई, सरोजनीनगर, कैण्ट और आशियाना क्षेत्रों में इस गिरोह के विरुद्ध कुल 66 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें हत्या के प्रयास का मामला भी शामिल है। इस संबंध में थाना मोहनलालगंज में गैंगस्टर अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत किया गया है, जिसकी विवेचना थाना नगराम द्वारा की जा रही है।न्यायालय के आदेश के अनुपालन में 16 अप्रैल 2026 को ओमेक्स सिटी, औरंगाबाद, बिजनौर क्षेत्र स्थित प्लॉट संख्या ्र-21/ढ्ढ-21 (अनुमानित कीमत लगभग 3 करोड़ 62 लाख 81 हजार 250 रुपये) तथा एक अर्धनिर्मित मकान (अनुमानित कीमत लगभग 1 करोड़ 70 लाख 79 हजार रुपये) को कुर्क किया गया। इसके अतिरिक्त अभियुक्तों के स्वामित्व वाले तीन वाहनों—एक टोयोटा इनोवा, एक मारुति स्विफ्ट और एक महिंद्रा बोलेरो—को भी कुर्क किया गया, जिनकी कुल अनुमानित कीमत लगभग 45 लाख रुपये आंकी गई है।कुर्की की कार्रवाई के दौरान मौके पर पहुंचकर संपत्तियों की दीवारों एवं प्रमुख स्थानों पर पेंट के माध्यम से कुर्की की सूचना अंकित की गई तथा उपस्थित लोगों को न्यायालय के आदेश की जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उक्त संपत्तियां अब न्यायालय के अधीन रहेंगी और शेष संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई भी शीघ्र पूरी की जाएगी।पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि राजधानी में संगठित अपराध के विरुद्ध सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। आमजन की सुरक्षा, उनके आर्थिक हितों की रक्षा तथा अपराधमुक्त वातावरण बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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