बलौदाबाज़ार17 अप्रैल (आरएनएस) गिरौदपुरी पुलिस चौकी क्षेत्र में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बड़ी ठगी का पर्दाफाश हुआ है जहां दो आरोपियों ने बेरोजगार युवाओं के सपनों को निशाना बनाकर उनसे ₹4,90,500 की मोटी रकम ऐंठ ली और फर्जी नियुक्ति पत्र थमाकर उन्हें धोखे के जाल में फंसा दिया, पूरा मामला तब सामने आया जब ग्राम बरेली निवासी प्रार्थी नंदकुमार साहू ने शिकायत दर्ज कराई कि उसने छात्रावास अधीक्षक पद के लिए जिला बस्तर में आवेदन किया था जबकि उसके मित्र अजीत कुमार ने पुलिस मुख्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर पद के लिए आवेदन किया था, इसी दौरान 22 मार्च 2024 को आरोपियों ने दोनों को सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा दिया, भरोसा दिलाया, सपने दिखाए और फिर योजनाबद्ध तरीके से उनसे रकम की मांग की, आरोपियों ने खुद को प्रभावशाली बताकर रेलवे विभाग में नौकरी लगने की बात कही और फर्जी नियुक्ति पत्र देकर दोनों को यकीन दिला दिया कि अब उनकी नौकरी पक्की है, लेकिन हकीकत सामने आते ही मामला सीधे पुलिस तक पहुंचा, गिरौदपुरी चौकी में अपराध क्रमांक 281/2024 के तहत धारा 420, 467, 468, 471, 120बी, 34 भादवि के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू हुई, पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के निर्देशन में टीम ने पूरे मामले की गहराई से पड़ताल की, प्रार्थी और गवाहों से विस्तृत पूछताछ की गई, सबूत जुटाए गए और आखिरकार न्यायालयीन प्रक्रिया के तहत आरोपी नरेंद्र मनहर उम्र 44 वर्ष निवासी ग्राम तालदेवरी थाना बिर्रा जिला जांजगीर-चांपा और कुनाल उर्फ हीरा दिवाकर निवासी ग्राम तालदेवरी थाना बिर्रा जिला जांजगीर-चांपा को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जहां दोनों ने नौकरी दिलाने के नाम पर रकम लेकर धोखाधड़ी करना कबूल कर लिया, पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों आरोपियों को 16 अप्रैल 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर लिया और अब उन्हें न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया जारी है, यह पूरा मामला बेरोजगारी की मार झेल रहे युवाओं के साथ किए गए सुनियोजित धोखे की कहानी है जहां लालच, झूठ और फर्जी दस्तावेजों का खेल रचा गया, लेकिन पुलिस की सतर्कता ने इस गैंग का पर्दाफाश कर दिया—संदेश साफ है, सरकारी नौकरी का शॉर्टकट नहीं होता और झांसे में आने की कीमत बहुत भारी पड़ सकती है।
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