मां-बाप खेत पर काम करने गए थे, बड़ी बहन ने 4 को बचाया
प्रयागराज 17 अप्रैल (आरएनएस)। एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के इंगुआ उर्फ काठगांव में कच्चे घर के छप्पर में आग लगने से गुरुवार दोपहर 5 साल की बच्ची जिंदा जल गई। हादसे के समय बड़ी बहन अपने साथ एक भाई और दो बहनों को लेकर भागी। जबकि 5 साल की सोना घर में ही सोती रह गई। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आसपास पानी की व्यवस्था न होने के कारण आग पर काबू नहीं पाया जा सका। जब तक आग बुझी, तब तक मासूम सोना की झुलसी हुई लाश छप्पर के अंदर मिली।
प्राप्त जानकारी के अनुसार राम सिंह रैदास अपने परिवार के साथ गांव की आबादी से करीब एक किलोमीटर दूर खेत में घास-फूस और प्लास्टिक से बने छप्पर में रहते हैं। गुरुवार को वह पत्नी सीमा के साथ खेत में गेहूं की फसल का बोझ बांधने गए थे। घर पर उनके पांच बच्चे मौजूद थे। दोपहर करीब तीन बजे अचानक छप्पर में आग लग गई और देखते ही देखते लपटें तेज हो गईं। आग लगते ही तीन बच्चे किसी तरह बाहर निकल आए। इनमें बड़ी बेटी शिवानी ने एक साल के मासूम अरुण को गोद में उठाकर बाहर निकाला। लेकिन 5 साल की सोना उस वक्त अंदर सो रही थी और बाहर नहीं निकल सकी।
छप्पर के अंदर पड़ी मिली लाश
बच्चों की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आसपास पानी की व्यवस्था न होने के कारण आग पर काबू नहीं पाया जा सका। जब तक आग बुझी, तब तक मासूम सोना की झुलसी हुई लाश छप्पर के अंदर मिली।
हादसे में घर का सारा सामान जलकर खाक हो गया। छप्पर में बंधी दो बकरियों की मौत हो गई, जबकि एक भैंस झुलस गई। घटना की सूचना पर पहुंचे माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। सूचना पर पहुंची एयरपोर्ट थाना पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है।
पुलिस के अनुसार आग लगने के कारण अभी स्पष्ट नहीं हैं, हालांकि शुरुआती जांच में चूल्हे से निकली चिंगारी से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। मामले की जांच जारी है।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

