नईदिल्ली,18 अपै्रल (आरएनएस)। लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़ा विधेयक पारित नहीं होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पहला बयान सामने आया है। उन्होंने विधेयक पारित न होने पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि विपक्षी पार्टियों को विधेयक का समर्थन न करने के लिए जीवन भर पछतावा होगा। कथित तौर पर प्रधानमंत्री ने ये बात संसद भवन में आयोजित सुरक्षा मामलों की संसदीय समिति की बैठक के दौरान कहीं।
रिपोर्ट के मुताबिक, बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि विपक्षी दलों को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी और वे इसे छिपाने के बहाने ढूंढ रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। हमें देश के हर गांव तक यह बात पहुंचानी होगी कि विपक्ष की मानसिकता महिला विरोधी है। वे पहले से ही इसे छिपाने के बहाने ढूंढ रहे हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री ने सांसदों से विधेयक के पक्ष में वोट करने की अपील की थी।
सरकार महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े 3 विधेयक लेकर आई थी। इनमें से एक संविधान संशोधन विधेयक था, जिस पर कल मतदान हुआ। विधेयक के पक्ष में 298 और विरोध में 230 सांसदों ने वोट किया। विधेयक को पारित होने के लिए जरूरी सदन में मौजूद कुल सदस्यों के दो तिहाई वोट नहीं मिले। इसके बाद सरकार ने बाकी दोनों विधेयकों पर मतदान नहीं कराया। 12 साल में पहली बार सरकार किसी विधेयक को पारित नहीं करा पाई है।
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