लखनऊ ,18 अपै्रल (आरएनएस)। अखिलेश यादव ने कहा है कि जनता के बढ़ते विरोध और आक्रोश से ध्यान हटाने के लिए साजिशन लाए गए तथाकथित महिला आरक्षण बिल की हार, भारतीय जनता पार्टी की हार है। उन्होंने कहा कि यह भाजपा की बदनीयत की भी हार है।अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा का हर प्रयास और हर बिल या तो कुछ चुनिंदा लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए होता है या समाज को बांटने का छलावा साबित होता है। उनका आरोप है कि इस बार भाजपा इस बिल के माध्यम से महिलाओं की एकता में दरार डालकर उन्हें ठगना चाहती थी, लेकिन विपक्ष की एकता ने भाजपा के मंसूबों को विफल कर दिया। उन्होंने कहा कि यह भाजपा के खिलाफ देश में सक्रिय हो चुकी जनचेतना की जीत है, जिसका प्रतिनिधित्व देश का विपक्ष कर रहा है।उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में बने रहने का नैतिक आधार खो चुकी है। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा स्वयं को महिलाओं की हिमायती बताती है, लेकिन उसकी सोच घोर पुरातनपंथी है। जो लोग परिवार की अवधारणा को नकारते हैं, वे किसी न किसी रूप में परिवार की धुरी यानी महिलाओं की भूमिका को भी नकारते हैं।अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा इस बिल में अन्य विषयों को छिपाकर लाने का प्रयास कर रही थी, जिसका विपक्ष द्वारा विरोध किया गया। उन्होंने कहा कि यदि संसद की कार्यवाही पूरी होने के बाद इस विषय को आगे बढ़ाया जाता तो संभव है कि सभी दल इसके पक्ष में आते।अखिलेश यादव ने कहा कि आज विपक्षी दलों की एकजुटता ने यह साबित कर दिया है कि नैतिक रूप से भाजपा सरकार ने सत्ता में बने रहने का आधार खो दिया है। उन्होंने कहा कि संसद में जो सरकार हार जाती है, उसे सत्ता में बने रहने का अधिकार नहीं होता। अब जनता को विश्वास हो गया है कि बुरे दिन जाने वाले हैं।
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