चंडीगढ़ 19 April, (Rns) : पंजाब में बेअदबी को लेकर अब सख्त कानून बन गया है। राज्यपाल कटारिया ने इस कानून से संबंधित बिल पर साइन कर दिए हैं, अब यह कानून जल्द ही पूरे राज्य में लागू कर दिया जाएगा।
अब बिल को मंजूरी मिलने के बाद इसे कानूनी रूप मिल गया है। माना जा रहा है कि इस कानून के लागू होने के बाद बेअदबी के मामलों में सख्त कार्रवाई का रास्ता मजबूत होगा और ऐसे मामलों पर रोक लगाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
सीएम मान ने खुद यह जानकारी साझा की। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट X पर लिखा-कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के खिलाफ विधानसभा में पारित किए गए बिल पर राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने हस्ताक्षर कर दिए हैं। अब यह बिल कानून बन गया है। मेरे जैसे एक छोटे से सेवक से यह सेवा लेने के लिए वाहेगुरु जी का कोटि-कोटि धन्यवाद। समस्त संगत का भी हृदय से आभार।
नए बिल ये काम करने को बेअदबी माना जाएगा
1. श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के ‘स्वरूप’ (पवित्र ग्रंथ) को जानबूझकर फाड़ना, जलाना या किसी भी तरह से खंडित करना।
2. पवित्र ग्रंथ पर थूकना, उसे गंदे हाथों से छूना या किसी ऐसी जगह रखना जहां उनकी गरिमा भंग होती हो।
3. गुरु साहिब के स्वरूप को सार्वजनिक रूप से फेंकना या गलियों/नालियों में लावारिस छोड़ देना।
4. पवित्र स्वरूप को चोरी करना या उसे मर्यादा के विरुद्ध अपने पास रखना।
5. श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की उपस्थिति में शराब, तंबाकू या किसी भी नशीले पदार्थ का सेवन करना या लेकर जाना।
6. सोशल मीडिया या किसी अन्य माध्यम से पवित्र बाणी या गुरु साहिब के प्रति अभद्र टिप्पणी या अपमानजनक फोटो-वीडियो बनाना।
बता दें पंजाब विधानसभा ने बैसाखी के अवसर पर 13 अप्रैल को मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक, 2026’ सर्वसम्मति से पारित किया था। इस नए कानून के तहत श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने के दोषी के लिए आजीवन कारावास (मृत्यु तक जेल) और 5 लाख से 25 लाख रुपए तक के भारी जुर्माने का कड़ा प्रावधान किया गया है। यह अपराध अब गैर-जमानती और संज्ञेय श्रेणी में आ गया।
विधेयक अभी केवल श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी पर ही लागू होगा। जबकि, गैर सिखों (हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, आदि) के पवित्र ग्रंथों और धार्मिक स्थलों से छेड़छाड़ पर इस विधेयक के तहत फिलहाल कोई सजा का प्रावधान नहीं है। CM ने कहा कि अन्य धर्मों के लोगों से भी राय लेकर जल्द ही कानून बनाया जाएगा।

