तपती धूप में बेहाल शहर, घरों से निकलना मुश्किल
प्रयागराज 20 अप्रैल (आरएनएस)। प्रयागराज में इन दिनों भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। अप्रैल के महीने में ही तापमान 40.7 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। इससे प्रयागराज प्रदेश के सबसे गर्म जिलों में शामिल हो गया है।
अधिकतम तापमान की वजह से दो दिन सूबे में दूसरे नंबर पर रही संगम नगरी सोमवार को 44.7 डिग्री सेल्सियस के साथ तपिश में टॉप कर गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक सबसे गर्म दिन होने की वजह से तपिश ने यहां नौ साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले वर्ष 2017 में 20 अप्रैल को अधिकतम तापमान 45.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले सात दिन हीटवेव के आसार हैं। इस दौरान झुलसाने वाली गर्मी प्रभावी रहेगी।
सूरज के तल्ख तेवर और हर दिन प्रचंड हो रही गर्मी की वजह से अधिकतर सड़कों पर शाम तक सन्नाटा पसरा रहा। 25 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ रात में भी तपिश प्रभावी रही। घर से बाहर निकले लोगों ने गर्मी से बचाव के तमाम उपाय किए लेकिन तेज धूप शरीर के खुले हिस्सों को झुलसाती रही। हीटवेव की वजह से लोगों का गला बार-बार सूखता रहा। दोपहिया वाहन सवार छांव की तलाश करते फिर संयत होने पर आगे बढ़ते।
सुबह से ही तेज धूप लोगों को झुलसाने लगती है और दोपहर तक हालात और गंभीर हो जाते हैं। गर्म हवाएं और चुभती धूप से ऐसा लगता है जैसे आग बरस रही हो। दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा छा जाता है और जो लोग बाहर निकलते हैं, वे सिर ढककर या छाता लेकर चलते नजर आते हैं। संगम क्षेत्र की रेत पर सबसे ज्यादा गर्मी महसूस की जा रही है।
इस भीषण गर्मी का सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। दोपहर में छुट्टी होने के कारण बच्चों को तेज धूप में घर लौटना पड़ता है, जिससे थकान, डिहाइड्रेशन और लू जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। कई बच्चे गर्मी से परेशान दिखाई दे रहे हैं। अभिभावक बच्चों को टोपी, छाता, पानी की बोतल और ग्लूकोज देकर भेज रहे हैं, लेकिन राहत कम मिल रही है।
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प्रयागराज सहित इन जिलों के लिए है लू की चेतावनी
प्रयागराज। बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही व आसपास के इलाकों में मौसम विभाग ने लू की चेतावनी जारी की है।
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