बाराबंकी 22 अप्रैल (आरएनएस)। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन जिले में विवादों में घिर गया है। बंकी ब्लॉक के विभिन्न ग्राम संगठनों से जुड़ी महिलाओं ने ब्लॉक मिशन मैनेजरों और अधिकारियों पर धन के दुरुपयोग और मनमानी का आरोप लगाया है। महिलाओं का दावा है कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के बजाय, सरकारी बजट का दुरुपयोग कर खास फर्मों से खरीदारी का दबाव बनाया गया। मंजीठा और भनौली ग्राम संगठन की महिलाओं ने बताया कि कृषि आजीविका के लिए मिली लाखों की धनराशि को अधिकारियों ने एक निर्धारित फर्म के खाते में ट्रांसफर करवा दिया। आरोप है कि इसके बदले में उन्हें बेहद घटिया गुणवत्ता वाली रीपर और स्प्रे मशीनें दी गईं, जो कुछ ही महीनों में खराब हो गईं। दाउदपुर और पाटमऊ की महिलाओं ने यह भी दावा किया कि डेढ़ लाख रुपये के बजट के बदले उन्हें केवल कुछ हजार रुपये की आटा चक्की दी गई। बीजेमऊ की एक समूह अध्यक्ष ने अधिकारियों पर उत्पीडऩ का आरोप लगाते हुए बताया कि जब उन्होंने स्थानीय बाजार से गुणवत्तापूर्ण सामान खरीदने का प्रयास किया, तो उन्हें कानूनी कार्रवाई की धमकी दी गई और उनका भुगतान रोक दिया गया। महिलाओं का कहना है कि यदि उन्हें अपनी पसंद से सामान खरीदने का अधिकार नहीं मिलता, तो स्वावलंबन का मूल उद्देश्य ही समाप्त हो जाता है। मामले के सामने आने के बाद उपायुक्त स्वत: रोजगार राकेश कुमार सिंह ने इस पर संज्ञान लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमानुसार ग्राम संगठनों को स्वयं खरीद करने का पूर्ण अधिकार है। सिंह ने महिलाओं के आरोपों की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं और कहा है कि यदि जबरन खरीद या घटिया सामान की आपूर्ति की पुष्टि होती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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