रतलाम 22 अप्रैल (आरएनएस)। आलोट में पदस्थ पटवारी रविशंकर खराड़ी के सुसाइड मामले में बढ़ते विरोध के बाद कलेक्टर मिशा सिंह ने नायब तहसीलदार सविता राठौर को निलंबित कर दिया है। मंगलवार रात से ही मृतक के परिजन और पटवारी संघ नायब तहसीलदार पर केस दर्ज करने की मांग को लेकर थाने में धरने पर बैठे थे।
बुधवार सुबह परिजनों ने एफआईआर दर्ज होने तक शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया उनका कहना है कि पहले नायब तहसीलदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए, उसके बाद ही आगे की प्रक्रिया होगी। इसके बाद बड़ी संख्या में समाजजन और पटवारी मेडिकल कॉलेज पहुंच गए और वहीं बैठकर विरोध जताने लगे।
स्थिति संभालने के लिए अपर कलेक्टर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव और एसडीएम आर्ची हरित मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारी परिजनों के बीच जमीन पर बैठकर उन्हें समझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन वे नहीं माने। काम बंद कर धरने पर बैठे परिजनों और पटवारियों के साथ सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशुराम निनामा, दिनेश माल समेत अन्य जयस नेता भी बैठ गए हैं। करणी सेना परिवार प्रमुख जीवन सिंह भी धरने में शामिल हो गए।
पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण पाटीदार ने बताया कि नायब तहसीलदार के दबाव के कारण उनके साथी ने मौत को गले लगाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि नायब तहसीलदार सविता राठौर ने नियम विपरीत काम कराने का अनुचित दबाव बनाया और भाई की शादी में भी छुट्?टी नहीं दी।
पटवारी संघ ने हत्या का केस दर्ज करने की मांग की है। वहीं, धरने में शामिल सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार ने कहा, “नायब तहसीलदार के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का प्रयास का केस दर्ज होना चाहिए। कार्रवाई नहीं होती है तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।”
इससे पहले मंगलवार रात 11:30 बजे पटवारी और परिजन थाना औद्योगिक क्षेत्र पहुंचे थे और बुधवार सुबह 4:30 बजे तक डटे रहे। उनका कहना था कि मृतक ने मौत से पहले जो लेटर लिखा है, उसे मृत्यु पूर्व बयान माना जाए और तुरंत केस दर्ज हो।
थाना प्रभारी सत्येंद्र रघुवंशी ने समझाया कि मर्ग कायम कर मामला जांच में लिया है और पीएम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। थाना प्रभारी ने परिजनों से अपनी मांगें लिखित में देने को कहा है। जानकारी के अनुसार, परिजन प्रक्रिया पूरी होने के बाद मृतक पटवारी का शव लेकर अपने पैतृक गांव जाएंगे।

