० भाजपा मुख्य प्रवक्ता व सांसद संतोष पाण्डेय का कांग्रेस के राजनीतिक चरित्र पर तीखा हमला, कहा : कांग्रेस का इतिहास राष्ट्र विरोधी गतिविधियों और तुष्टीकरण से भरा रहा है
रायपुर, 22 अप्रैल (आरएनएस)। भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और सांसद संतोष पाण्डेय ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘आतंकवादीÓ कहकर की गई टिप्पणी को घोर निंदनीय और अशोभनीय करार दिया। श्री पाण्डेय ने कहा कि विश्व के सबसे लोकप्रिय नेता के खिलाफ ऐसी भाषा का प्रयोग न केवल प्रधानमंत्री पद का अपमान है, बल्कि यह पूरे भारतवर्ष का अपमान है। कांग्रेस की ये हरकतें जनता से छिपी नहीं हैं और देश की जनता आने वाले समय में इस नकारात्मक राजनीति का करारा जवाब देगी।
भाजपा मुख्य प्रवक्ता व सांसद श्री पाण्डेय ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि अपनी स्थापना के समय से ही कांग्रेस निरंतर राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में संलिप्त रही है। कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाते हुए श्री पाण्डेय ने कहा कि पार्टी ने हमेशा देश के हितों के बजाय अलगाववादी और नक्सली विचारधाराओं को संरक्षण दिया है। कांग्रेस ने हमेशा उन लोगों को बढ़ावा दिया है जो देश की एकता के खिलाफ खड़े हैं। कांग्रेस द्वारा उप-राष्ट्रपति पद के लिए प्रस्तावित उम्मीदवार नक्सलियों के समर्थक रहे हैं और जिन्होंने ‘सलवा जुडूमÓ जैसे नक्सल विरोधी अभियानों का विरोध कर देश की आंतरिक सुरक्षा को खतरे में डाला है।
भाजपा मुख्य प्रवक्ता व सांसद श्री पाण्डेय ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके जैसे नेता ओसामा बिन लादेन जैसे आतंकी को ‘जीÓ कहकर संबोधित करते हैं, जो कांग्रेस की विकृत मानसिकता को दर्शाता है। ‘टुकड़े-टुकड़ेÓ गैंग के साथ जुड़ाव को लेकर श्री पाण्डेय ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब देश के खिलाफ नारेबाजी हो रही थी, तब राहुल गांधी उन तत्वों के साथ खड़े थे। अफजल गुरु जैसे आतंकियों के पक्ष में लगने वाले नारों पर कांग्रेस की चुप्पी और उनके प्रति सहानुभूति कांग्रेस के शर्मनाक राजनीतिक चरित्र की परिचायक है। श्री पाण्डेय ने बाटला हाउस के इशरत जहां एनकाउंटर का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं ने स्वयं स्वीकार किया था कि आतंकियों की मौत पर सोनिया गांधी रात भर रोई थीं। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि कांग्रेस के लिए राष्ट्र सुरक्षा से ऊपर तुष्टीकरण है।
०
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

