मुंबई 23 April, (Rns) : मालेगांव बम धमाका मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए चारों आरोपियों को बरी कर दिया है। अदालत ने सुनवाई के दौरान लोकेश शर्मा, धन सिंह, राजेंद्र चौधरी और मनोहर नरवरिया को सभी आरोपों से निर्दोष करार दिया। इस मामले में मस्जिद के पास हुए सीरियल धमाकों में 37 लोगों की मौत हुई थी।
इससे पहले विशेष राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की अदालत ने 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में सात अन्य आरोपियों को भी बरी कर दिया था। इनमें पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, मेजर (सेवानिवृत्त) रमेश उपाध्याय, सुधाकर चतुर्वेदी, अजय राहिरकर, सुधाकर धर द्विवेदी (जिन्हें शंकराचार्य के नाम से भी जाना जाता है) और समीर कुलकर्णी शामिल थे। अदालत ने पर्याप्त साक्ष्यों के अभाव में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), शस्त्र अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत सभी आरोप हटा दिए थे।
उल्लेखनीय है कि 29 सितंबर 2008 को महाराष्ट्र के नासिक जिले के मालेगांव में भिक्कू चौक स्थित मस्जिद के पास एक मोटरसाइकिल में विस्फोट हुआ था। यह घटना रमज़ान के महीने और नवरात्रि से ठीक पहले हुई थी। इस धमाके में कई लोगों की जान गई थी और 100 से अधिक लोग घायल हुए थे। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 323 गवाह पेश किए थे, जिनमें से 34 गवाह अपने बयान से मुकर गए। इससे अभियोजन का पक्ष कमजोर पड़ गया।
इस मामले की शुरुआती जांच महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) ने की थी। बाद में 2011 में यह जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी गई। NIA ने 2016 में पूरक चार्जशीट दाखिल करते हुए कुछ आरोपियों के खिलाफ सख्त आतंकवाद विरोधी धाराओं के तहत पर्याप्त सबूत न होने की बात कही थी, जिसके आधार पर कई आरोप हटाए गए थे।

