रायगढ़ 24 अप्रैल (आरएनएस) छाल थाना क्षेत्र के ग्राम बेहरामार में जमीन विवाद ने ऐसा खौफनाक मोड़ लिया कि भतीजे ने अपनी ही बड़ी मां की पीट-पीटकर हत्या कर दी और सबूत मिटाने के लिए शव को मोटरसाइकिल में लादकर जंगल के झुरमुट में फेंक दिया, लेकिन रायगढ़ पुलिस की तेज़ और सटीक कार्रवाई ने इस सनसनीखेज अंधे कत्ल का पर्दाफाश कर आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया, मामला तब सामने आया जब 22 अप्रैल को लोकनाथ राठिया ने अपनी 70 वर्षीय मां केवला बाई राठिया के 4-5 दिनों से लापता होने की शिकायत थाना छाल में दर्ज कराई और जमीन विवाद के चलते चचेरे भाई आशन राठिया पर शक जताया, इसी बीच बेहरामार-जामपाली पगडंडी मार्ग के जंगल से तेज दुर्गंध आने और शव पड़े होने की सूचना ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया, थाना प्रभारी निरीक्षक नासिर खान ने तत्काल टीम के साथ मौके पर पहुंचकर झाड़ियों के बीच गड्ढे से सड़ा-गला शव बरामद किया जिसकी पहचान केवला बाई के रूप में हुई, इसके बाद शुरू हुई तेज़ जांच, परिजनों से पूछताछ और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की कड़ी जोड़ते ही जमीन बंटवारे और बिक्री को लेकर चल रहे विवाद की परतें खुलने लगीं, जांच में सामने आया कि 18 अप्रैल को महुआ बीनने के दौरान आरोपी आशन राठिया पिता भक्तुराम राठिया उम्र 36 वर्ष ने बड़ी मां से विवाद के दौरान हाथ-मुक्कों और लात-घूसों से हमला कर दिया जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई, वारदात के बाद आरोपी ने घबराकर शव को मोटरसाइकिल में लादा और जंगल में फेंककर फरार हो गया, पुलिस ने तकनीकी और वैज्ञानिक जांच के आधार पर संदेही को हिरासत में लिया और सघन पूछताछ में आरोपी टूट गया और पूरा अपराध कबूल कर लिया, आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और ऋण पुस्तिका भी बरामद की गई, छाल थाना पुलिस ने आरोपी को अपराध क्रमांक 86/2026 धारा 103(1) बीएनएस के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया, इस पूरे खुलासे में एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन, एडिशनल एसपी अनिल सोनी और एसडीओपी प्रभात पटेल के मार्गदर्शन में निरीक्षक नासिर खान सहित पुलिस टीम की सक्रियता निर्णायक साबित हुई, बहरहाल यह वारदात एक बार फिर याद दिलाती है कि जमीन के झगड़े जब इंसानियत पर भारी पड़ते हैं तो रिश्ते भी खून में डूब जाते हैं और कानून ऐसे अपराधियों को आखिरकार उनके अंजाम तक पहुंचाकर ही दम लेता है।


