New Delhi 25 April, (Rns) /- केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लाइसेंसिंग प्राधिकरणों को डोजियर आधारित ड्रग लाइसेंसिंग लागू करने के दिशा-निर्देश दिए हैं। यह कदम दवाओं के निर्माण लाइसेंस की प्रक्रिया को एक समान और पारदर्शी बनाने की दिशा में अहम साबित होगा।
इससे दवा निर्माण लाइसेंस प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सरल और एक समान होगी, जिसका सीधा लाभ हिमाचल प्रदेश में स्थापित फार्मा उद्योगों को मिलेगा। हिमाचल प्रदेश के बल्क ड्रग पार्क परियोजना को केंद्र सरकार के नए फैसले से बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
डोजियर प्रणाली को लेकर भारत के औषधि महानियंत्रक राजीव सिंह रघुवंशी ने हिमाचल प्रदेश सहित सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के को पत्र जारी किया है। इसमें देशभर में दवाओं के निर्माण लाइसेंस की प्रक्रिया को एक समान और पारदर्शी बनाने की दिशा में सीडीएससीओ ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लाइसेंसिंग प्राधिकरणों को डोजियर आधारित ड्रग लाइसेंसिंग प्रणाली अपनाने को कहा है।
यह गाइडेंस डॉक्यूमेंट पहले ही राज्यों के नियामक अधिकारियों की बैठक में प्रस्तुत किया जा चुका है और अधिकांश राज्यों ने इसे सिद्धांत रूप में मंजूरी दे दी है। अब इसे ऑनलाइन नेशनल ड्रग लाइसेंसिंग सिस्टम (ओएनडीएलएस) पोर्टल पर भी लागू किया जा चुका है।

