मेहसाणा (गुजरात),25 अपै्रल (आरएनएस)। मेहसाणा में नगर निगम की चुनावी लड़ाई अब खूनी और हिंसक हो गई है. मेहसाणा के वार्ड नंबर 4 में बीजेपी और कांग्रेस समर्थकों के बीच खूनी झड़प और जानलेवा हमले की एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. जिसमें शुक्रवार देर रात तावडिया रोड पर धारदार हथियारों से एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई, जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया.
इस राजनीतिक हत्या की घटना के बाद पूरे मेहसाणा जिले में अफरा-तफरी मच गई है और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठने लगे हैं.
मेहसाणा के डीएसपी मिलाप पटेल के आधिकारिक बयान के अनुसार, यह सनसनीखेज घटना बीती रात मेहसाणा सिटी ए-डिवीजन पुलिस स्टेशन की सीमा के भीतर हुई. यह जानलेवा हमला मानव आश्रम चौकड़ी से तावडिया गांव की ओर जाने वाली सड़क पर एक मोड़ के पास हुआ. पीडि़त युवक मितेन चौधरी और धिमंत चौधरी अपने अन्य दोस्तों के साथ अपनी कार से वहां से गुजर रहे थे. इसी दौरान, 4 से 5 अज्ञात व्यक्तियों ने, जो पहले से ही सड़क पर घात लगाए बैठे थे, उनकी कार को रोक लिया.
पुलिस के अनुसार, यह एक पहले से रची गई आपराधिक साजिश थी. हमलावरों ने अचानक मितेन चौधरी और उनके साथ मौजूद अन्य युवकों पर चाकू, लाठी और पाइप जैसे धारदार और जानलेवा हथियारों से हमला कर दिया. इस अचानक हुए हमले में, मितेन चौधरी के शरीर के विभिन्न हिस्सों पर कई गंभीर चोटें आईं. उन्हें खून से लथपथ हालत में तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन दुर्भाग्यवश, इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई.
पुलिस के मुताबिक, इस हमले में धिमंत चौधरी नाम का एक अन्य युवक भी गंभीर रूप से घायल हो गया और फिलहाल अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है.
जानकारी के अनुसार, मृतक मितेन चौधरी भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय समर्थक थे और वार्ड नंबर 4 से बीजेपी उम्मीदवार के भतीजे थे. दूसरी ओर, यह जानकारी भी सामने आई है कि इस झड़प में कांग्रेस उम्मीदवार के पति भी घायल हुए हैं.
दोनों पार्टियों के समर्थकों के बीच हुई यह खूनी झड़प स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि इस हत्या के पीछे मुख्य कारण चुनाव से जुड़ी राजनीतिक रंजिश है.
इस पूरी चौंकाने वाली घटना के बारे में मीडिया से बात करते हुए डीएसपी मिलाप पटेल ने कहा, शुरुआती जांच से पता चला है कि मृतक बीजेपी का समर्थक था. शुरुआती जांच से पता चला है कि यह घटना चुनावी मामले को लेकर हुई कहासुनी के कारण हुई थी. हालांकि, सही कारण जांच पूरी होने के बाद ही बताया जा सकता है.
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