नई दिल्ली,25 अपै्रल (आरएनएस)। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ नेता राम माधव पर अमेरिका में एक पैनल चर्चा के दौरान की गई उनकी टिप्पणियों को लेकर तीखा हमला बोला और उन्हें संगठन के असली स्वरूप का परिचायक बताया.
गांधी ने आरएसएस पर राष्ट्रीय सरेंडर संघ होने का आरोप लगाया और संघ को फर्जी करार दिया. एक एक्स पोस्ट शेयर करते हुए राहुल गांधी ने लिखा, राष्ट्रीय सरेंडर संघ. नागपुर में फर्जी राष्ट्रवाद. अमेरिका में पूरी तरह से चाटुकारिता. राम माधव ने तो बस संघ का असली चेहरा ही सामने ला दिया है.
कांग्रेस नेता की यह टिप्पणी राम माधव के वॉशिंगटन डीसी में हडसन इंस्टीट्यूट की न्यू इंडिया कॉन्फ्रेंस में एक पैनल चर्चा में हिस्सा लेने के एक दिन बाद आई. इस चर्चा में उनके साथ राजदूत कर्ट कैंपबेल और एलिजाबेथ थ्रेलकेल्ड भी मौजूद थे. चर्चा का विषय था अमेरिका-भारत संबंधों के लिए आगे के नए रास्ते.
चर्चा के दौरान राम माधव ने भारत के ऊर्जा और व्यापार से जुड़े फ़ैसलों पर एक सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि विपक्ष की ओर से ज़्यादा आलोचना के बाद देश ने ईरान और रूस से तेल खरीदना बंद करने पर सहमति जताई. भारत ने ईरान से तेल खरीदना बंद करने पर सहमति जताई. भारत ने बिना ज़्यादा कुछ कहे 50 फीसदी टैरिफ पर भी सहमति दे दी.
तो फिर अमेरिका के साथ मिलकर काम करने के मामले में भारत आखिर कहां पर कम पड़ रहा है? उन्होंने चर्चा के दौरान यह बात कही. अपनी टिप्पणियों पर हुई आलोचना के बाद, राम माधव ने बाद में एक स्पष्टीकरण जारी किया. उन्होंने कहा कि पैनल चर्चा के दौरान उन्होंने जो कुछ भी कहा था, वह तथ्यात्मक रूप से गलत था.
उन्होंने कहा, मैंने जो कहा, वह गलत था. भारत ने रूस से तेल का आयात रोकने पर कभी सहमति नहीं दी. साथ ही, उसने 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने का भी जोरदार विरोध किया. मैं दूसरे पैनलिस्ट की बात का एक सीमित जवाब देने की कोशिश कर रहा था. लेकिन यह बात तथ्यों के हिसाब से गलत थी. मैं इसके लिए माफी चाहता हूँ.
इससे पहले सरकार ने साफ किया था कि कच्चे तेल, तेल उत्पादों और एलपीजी के मामले में भारत अपनी मौजूदा स्टॉक स्थिति को देखते हुए बहुत ही आरामदायक स्थिति में है. सूत्रों ने बताया कि भारत दुनिया के दूसरे हिस्सों से तेल की सप्लाई बढ़ाएगा और स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज से होने वाली सप्लाई में किसी भी कमी की भरपाई करेगा.
सूत्रों ने बताया कि भारत 2022 से रूस से कच्चा तेल खरीद रहा है. 2022 में भारत ने अपने कुल आयात का 0.2 प्रतिशत रूस से आयात किया था, जबकि फरवरी में उसने अपने कुल आयात का 20 प्रतिशत रूस से आयात किया. भारत का लगभग 40 प्रतिशत कच्चा तेल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर गुजरता है और बाकी का 60 प्रतिशत कच्चा तेल दूसरे स्रोतों से आता है.
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