भोपाल,25 अपै्रल (आरएनएस)।केन्द्रीय जेल भोपाल में शनिवार को परिरूद्ध बंदियो के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए म.प्र. उच्च न्यायालय द्धारा दिए गए निर्देशन में विशेष मेडीकल कैम्प सह विधिक सहायता शिविर का आयोजन किया।
जबलपुर में केन्द्रीय जेल सेे कार्यक्रम का शुभारंभ मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति श्री संजीव सचदेवा एवं न्यायाधिपति विवेक अग्रवाल न्यायाधीश म.प्र. उच्च न्यायालय एवं अध्यक्ष उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति जबलपुर द्धारा प्रात: 09 बजे सुमन श्रीवास्तव, सदस्य सचिव मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर, कृष्णमूर्ति मिश्र प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश जबलपुर एवं राजेन्द्र शर्मा प्रिसिपल रजिस्ट्रार विजिलेस जबलपुर की उपस्थिति में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की मुख्य पीठ जबलपुर के क्षेत्राधिकार में सभी जेलों में वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से किया गया।
केन्द्रीय जेल भोपाल में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश भोपाल मनोज कुमार श्रीवास्तव, दीपक बंसल अपर सत्र न्यायाधीषश, सुनीत अग्रवाल न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भोपाल, भारत रघुवंशी रजिस्ट्रार जिला न्यायालय भोपाल एवं राकेश कुमार भांगरे जेल अधीक्षक केन्द्रीय जेल भोपाल, एल.ए.डी.सी. एवं जेपी अस्पताल एव हमीदिया अस्पताल के चिकित्सक एवं मेडिकल स्टॉफ शुभारंभ अवसर पर उपस्थित रहे।
न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल से चर्चा के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश भोपाल मनोज कुमार श्रीवास्तव द्वारा जेल मे परिरूद्ध बंदियो हेतु आयोजित स्वास्थ्य शिविर संबंधी जानकारी एवं स्वास्थ्य शिविर में की गई व्यवस्था के बारे में अवगत कराया।
इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार श्रीवास्तव द्वारा केन्द्रीय जेल भोपाल मेें 08 नव-निर्मित वीडियों कान्फ्रेंसिंग रूम का लोकापर्ण किया एवं वृक्षारोपण भी किया गया।
जेल में आयोजित विशेष मेडिकल कैम्प में जय प्रकाश चिकित्सालय एवं हमीदिया गांधी चिकित्सा महाविद्यालय भोपाल के विशेषज्ञ चिकित्सको द्धारा बंदियो का स्वास्थ्य परीक्षण किया, जिसमें पुरूष बंदी 741, महिला बंदी 189 एंव 10 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया।
केन्द्रीय जेल भोपाल में विशेष स्वास्थ्य परीक्षण शिविर के साथ विधिक सहायता शिविर का आयोजन किया, जिसमें लीगल एड डिफेंस काउंसिल के अधिवक्ताओं द्वारा शिविर में उपस्थित बंदियों को उनके प्रकरणों एवं समस्याओं के बारे में उचित विधिक परामर्श दिया। विधिक सहायता शिविर के दौरान 25 बंदियों को विधिक सहायता दी गई,165 बंदियों को विधिक सलाह दी गई।

