नई दिल्ली ,27 अपै्रल ,। भारतीय रिजर्व बैंक की एक बड़ी और सख्त कार्रवाई के बाद पेटीएम के निवेशकों में हड़कंप मच गया है। सोमवार को शुरुआती कारोबार में ही वन 97 कम्युनिकेशंस (ह्रठ्ठद्ग 97 ष्टशद्वद्वह्वठ्ठद्बष्ड्डह्लद्बशठ्ठह्य) के शेयर औंधे मुंह गिर गए। दरअसल, आरबीआई ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस पूरी तरह से रद्द कर दिया है। इस कड़े कदम के साथ ही कंपनी की बैंकिंग सेवाओं के दोबारा शुरू होने की बची-खुची उम्मीदें भी अब हमेशा के लिए खत्म हो गई हैं। बाजार खुलते ही मची भारी बिकवाली के चलते पेटीएम का शेयर 1,077 रुपये पर ट्रेड कर रहा था, जो दिन के सबसे निचले स्तर से लगभग 8 प्रतिशत नीचे आ गया।
पाबंदियों के बाद अब सीधा लाइसेंस हुआ रद्द
पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर रिजर्व बैंक की यह सख्ती अचानक नहीं हुई है। जनवरी 2024 से ही इस बैंक पर कई तरह की कड़ी पाबंदियां लागू कर दी गई थीं। पुरानी कार्रवाइयों के तहत बैंक में नए डिपॉजिट लेने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई थी, जिसके कारण बैंक को अपना कामकाज धीरे-धीरे समेटना पड़ रहा था। लेकिन अब आरबीआई के इस अंतिम और कड़े फैसले ने एक बैंक के रूप में काम करने की इसकी क्षमता को जड़ से खत्म कर दिया है। निवेशकों ने इस रेगुलेटरी कदम पर तुरंत प्रतिक्रिया दी, जिससे शेयरों में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली।
कंपनी ने दी सफाई, कमाई पर नहीं पड़ेगा असर
लाइसेंस रद्द होने की इस बड़ी खबर और शेयरों में आई गिरावट के बीच पेटीएम की मूल कंपनी ने बयान जारी कर निवेशकों को आश्वस्त करने की कोशिश की है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि आरबीआई के इस ताजा कदम का उनकी मौजूदा कमाई पर कोई खास नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। कंपनी के मुताबिक, पेमेंट्स बैंक का कारोबार पहले से ही लगभग बंद होने की कगार पर था और अब उन्होंने अपने कामकाज को पूरी तरह से एक पार्टनर-आधारित मॉडल (क्कड्डह्म्ह्लठ्ठद्गह्म्-ड्ढड्डह्यद्गस्र द्वशस्रद्गद्य) में बदल दिया है। इस रणनीतिक बदलाव के कारण उन्हें वित्तीय मोर्चे पर बड़े नुकसान की आशंका नहीं है।
ब्रोकरेज फर्म ‘गोल्डमैन सैक्सÓ ने घटाया टारगेट प्राइस
पेटीएम पर हुए इस एक्शन के बाद दिग्गज अंतरराष्ट्रीय ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स (त्रशद्यस्रद्वड्डठ्ठ स्ड्डष्द्धह्य) ने भी अपनी राय रखी है। फर्म ने पेटीएम के शेयरों पर अपनी ‘बायÓ (क्चह्व4) रेटिंग तो बरकरार रखी है, लेकिन इसका टारगेट प्राइस 1,470 रुपये से घटाकर 1,400 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। इसके बावजूद, इस नए टारगेट प्राइस का मतलब है कि पिछली क्लोजिंग कीमत के मुकाबले शेयर में अभी भी लगभग 31 प्रतिशत की बढ़त की गुंजाइश है।
गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि बैंकिंग लाइसेंस का रद्द होना निश्चित रूप से एक नकारात्मक घटना है, लेकिन इसका सीधा वित्तीय असर पेटीएम के मुख्य कामकाज पर नहीं पड़ेगा। हालांकि, ब्रोकरेज फर्म ने यह चिंता जरूर जताई है कि इस कदम से ग्राहकों और व्यापारियों के भरोसे को ठेस पहुंच सकती है, जो भविष्य के लिए एक जोखिम है। फर्म का यह भी कहना है कि भले ही यह खबर शेयर पर कुछ समय के लिए दबाव डाले, लेकिन पेटीएम के मुख्य कारोबार की रफ्तार और बुनियादी ढांचा अभी भी मजबूत बना हुआ है।
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