0 विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा
धमतरी, 15 जुलाई (आरएनएस)। नवपदस्थ जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा (आईएएस) ने नगरी विकासखंड के विभिन्न ग्रामों का दौरा कर विकास कार्यों एवं केंद्र और राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने योजनाओं की प्रगति, सेवा प्रदाय व्यवस्था की गुणवत्ता तथा ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान नाहटा ने शासकीय माध्यमिक शाला बोडऱा पहुंचकर छात्राओं के साथ मध्यान्ह भोजन किया और भोजन की गुणवत्ता का स्वयं परीक्षण किया। उन्होंने विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।

भ्रमण के दौरान उन्होंने ग्राम सियादेही स्थित लइका घर का निरीक्षण कर बच्चों के लिए उपलब्ध शैक्षणिक एवं पोषण संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। वहीं ग्राम पिपराहीभर्री के मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों की उपस्थिति, पोषण आहार, स्वच्छता, खेल एवं शिक्षण गतिविधियों का अवलोकन करते हुए केंद्र को बच्चों के सर्वांगीण विकास का प्रभावी माध्यम बनाने के निर्देश दिए।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने नगरी स्थित मॉडल लाइब्रेरी एवं को-वर्किंग स्पेस का भी निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यार्थियों एवं युवाओं को उपलब्ध अध्ययन सुविधाओं, डिजिटल संसाधनों तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विकसित वातावरण की जानकारी ली और इन सुविधाओं का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इसके अलावा उन्होंने शासकीय माध्यमिक विद्यालय बोडऱा, खल्लारी एवं मसानडबरा में जनमन मॉडल आवास तथा 37 आवासीय कॉलोनी का निरीक्षण कर मूलभूत सुविधाओं, स्वच्छता, रखरखाव एवं हितग्राहियों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की समीक्षा की। इस दौरान संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधार के निर्देश भी दिए।
ग्राम सांकरा में उन्होंने मॉडल लाइब्रेरी, समर्थ पोर्टल, पंचायत कार्यालय तथा मखाना उत्पादन केंद्र का अवलोकन किया। उन्होंने पंचायत स्तर पर अभिलेखों के सुव्यवस्थित संधारण, डिजिटल सेवाओं के प्रभावी संचालन, शासन की योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग तथा आजीविका संवर्धन गतिविधियों को और अधिक सशक्त बनाने पर बल दिया।
जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से पहुंचाना सभी अधिकारियों एवं मैदानी अमले की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग, जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण तथा हितग्राही केंद्रित कार्यसंस्कृति अपनाने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।
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