जगदीश यादव
कोलकाता 27 अप्रैल (आरएनएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के लिए जोरदार और बहुचर्चित चुनाव प्रचार सोमवार शाम छह बजे समाप्त हो गया। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार प्रचार थमने के साथ ही अब सभी दलों की निगाह 29 अप्रैल को होने वाले मतदान पर टिक गई है। दूसरे चरण के मतदान में सीएम ममता बनर्जी तमाम हैवीवेट उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होना है। अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि, कानून व्यवस्था व सुचारू रखने के तहत की गई कार्रवाई में पिछले 36 घंटों में पूरे राज्य में कुल 1,543 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार दूसरे चरण में कुल 142 विधानसभा सीटों पर 1,448 उम्मीदवार मैदान में हैं। तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस ने सभी 142 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी 141 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। वहीं, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माक्र्सवादी) ने करीब 100 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं। निर्वाचन आयोग के मुताबिक, दूसरे चरण का मतदान पूर्वी बद्र्धमान, हावड़ा, हुगली, कोलकाता, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना और नदिया में होगा। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, दूसरे चरण के लिये 1463 नामांकन प्राप्त हुए। इनमें 15 लोगों का नामांकन रद्द कर दिया गया है। दक्षिण 24 परगना के भांगड़ विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 19 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं जबकि सबसे कम पांच उम्मीदवार हुगली की गोघाट (एससी) सीट पर चुनाव लड़ रहे हैं। इस चरण में 8 जिलों के कुल 3,21,73,837 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिनमें 1,64,35,627 पुरुष तथा 1,57,37,418 महिला मतदाताओं के अलावा 792 तृतीय लिंग के मतदाता शामिल हैं। अंतिम चरण में राजधानी कोलकाता के अलावा उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, हावड़ा, हुगली, नदिया, और पूर्व बर्धमान जिलों में मतदान होगा। इनमें से उत्तर और दक्षिण 24 परगना जिले काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि इन दो जिलों में विधानसभा की 64 सीटें हैं। बंगाल में ऐसा माना जाता है कि जो राजनीतिक इन दो जिलों में अच्छा प्रदर्शन करने में सफल रही वह सत्ता के करीब होगी। इसके अलावा हावड़ा और हुगली पर भी सबकी नजरें होंगी। सबसे चर्चित मुकाबला कोलकाता की भवानीपुर विधानसभा सीट पर है, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी आमने-सामने हैं। शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिये चुनाव आयोग ने व्यापक इंतजाम किए हैं। लगभग सभी मतदान केंद्रों पर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है और संवेदनशील व अति-संवेदनशील बूथों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। वेबकास्टिंग, सीसीटीवी निगरानी और लगातार फ्लैग मार्च के जरिए शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है। दूसरे चरण में केंद्रीय बलों की कुल 2,321 कंपनियां तैनात की जा रही है। आयोग के सूत्रों के अनुसार, सबसे अधिक उत्तरी 24 परगना जिले में कुल 507 कंपनियां तैनात किए जाएंगे। उत्तर 24 परगना के बारासात पुलिस जिले में 112 कंपनी की तैनाती की जा रही है जबकि बनगांव जिले में 62 कंपनी बल की तैनाती की जा रही है। मतदान के दिन बशीरहाट में केंद्रीय बलों की 123 कंपनियां मौजूद रहेंगी। विधाननगर में केंद्रीय बलों की 50 कंपनियां तैनात की गई हैं। बैरकपुर में 160 कंपनियां होंगी। गौरतलब हो कि, पहले चरण में राज्य की 152 सीटों पर मतदान हुआ था, जिसमें 92 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया, जो एक रिकॉर्ड माना जा रहा है। इस उच्च मतदान प्रतिशत ने दूसरे चरण के महत्व को और बढ़ा दिया है। आगामी चार मई को मतगणना होगी। उक्त खबर के लिखे जाने तक केन्द्रीय बलों के जवानों का रुट मार्च जारी था और अपराधिक कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई भी।
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