नई दिल्ली,27 अपै्रल (आरएनएस)। दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्नाव रेप मामले में पीडि़ता के पीडि़ता की हिरासत में मौत के मामले में ट्रायल कोर्ट की ओर से मिली दस साल की सजा को चुनौती देने वाली कुलदीप सिंह सेंगर की याचिका पर मई में सुनवाई करने का आदेश दिया है. जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच ने इस मामले पर 15, 18, 19 और 20 मई को कुलदीप सेंगर की दलीलें सुनने का आदेश दिया.
जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच ने सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश पर गौर किया जिसमें सेंगर को मिली सजा को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई तीन महीने में पूरी करने का आदेश दिया गया है.
बता दें कि 20 अप्रैल को हाईकोर्ट ने उन्नाव रेप मामले में पीडि़ता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में कुलदीप सिंह सेंगर की सजा को बढ़ाने की रेप पीडि़ता की मांग को खारिज कर दिया था. जस्टिस नवीन चावला की बेंच ने कहा था कि इस मामले में 1,945 दिनों की देरी हुई है, ऐसे में याचिका खारिज की जाती है.
बता दें कि 19 जनवरी को कोर्ट ने इस मामले में कुलदीप सिंह सेंगर की सजा निलंबित करने की मांग खारिज को कर दिया था. जस्टिस रविंद्र डूडेजा की बेंच ने याचिका खारिज करने का आदेश दिया था.
कोर्ट ने कहा था कि सेंगर को मिली दस साल की सजा में से साढ़े सात साल हिरासत में बीत चुके हैं. कोर्ट ने कहा था कि सेंगर की दोषी करार देने के फैसले के खिलाफ दायर याचिका में देरी की वजह खुद सेंगर ही है, क्योंकि उसने कई दूसरी याचिकाएं दायर कर रखी हैं.
इस मामले में 16 दिसंबर 2019 को तीस हजारी कोर्ट ने रेप पीडि़ता के पिता की हिरासत में हत्या के मामले में कुलदीप सिंह सेंगर को दस साल की कैद की सजा सुनाई थी. तीस हजारी कोर्ट ने सेंगर पर दस लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था. तीस हजारी कोर्ट ने सेंगर समेत सभी सातों आरोपियों को भी दस-दस साल की कैद और दस-दस लाख के जुर्माने की सजा सुनाई थी.
रेप पीडि़ता के पिता की न्यायिक हिरासत में 9 अप्रैल 2018 को मौत हो गई थी. 4 जून 2017 को रेप पीडि़ता ने जब कुलदीप सेंगर पर रेप का आरोप लगाया था उसके बाद कुलदीप सिंह सेंगर के भाई अतुल सिंह और उसके साथियों ने पीडि़ता के पिता को बुरी तरह पीटने के बाद पुलिस को सौंप दिया था. रेप पीडि़ता के पिता को जेल में शिफ्ट करने के कुछ ही घंटों बाद जिला अस्पताल में लड़की के पिता की मौत हो गई थी.
20 दिसंबर 2019 को पीडि़ता से रेप के मामले में तीस हजारी कोर्ट ने सेंगर को उम्रकैद की सजा सुनाई थी. कोर्ट ने उम्रकैद के अलावा 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था. जुर्माने की इस रकम में से 10 लाख रुपये पीडि़ता को देने का आदेश दिया था. तीस हजारी कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ भी कुलदीप सिंह सेंगर ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर किया है.
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