विकासनगर,27 अपै्रल (आरएनएस)। छावनी परिषद क्षेत्र अंतर्गत चिलमिरी बीट के जंगल में शनिवार देर रात लगी भीषण आग ने कुछ ही समय में विकराल रूप धारण कर लिया। आग ने जंगल के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान हुआ। सूचना मिलते ही छावनी परिषद के कर्मचारी और सेना के जवान मौके पर पहुंचे और देर रात से ही आग बुझाने में जुट गए। लगातार करीब 48 घंटे तक चले अभियान के बाद सोमवार तड़के लगभग तीन से चार बजे के बीच आग पर काबू पाया जा सका। आग का दायरा काफी बड़ा होने के कारण इसे नियंत्रित करना बेहद चुनौतीपूर्ण रहा और टीमों को कठिन परिस्थितियों में लगातार काम करना पड़ा।प्राथमिक जांच में सामने आया है कि घास जलाने के दौरान लगी आग के फैलने से यह भीषण आगजनी हुई। इस पर छावनी परिषद प्रशासन ने गंभीर चिंता जताते हुए ग्रामीणों से अपील की है कि वे घास जलाने के लिए आग का प्रयोग न करें। साथ ही चेतावनी दी गई है कि ऐसा करते हुए पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।छावनी परिषद के प्रशासनिक अधिकारी एवं प्रभारी फोरेस्टर संदीप जोशी ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंच गई थी और शनिवार रात से लगातार आग बुझाने का कार्य जारी रहा। रविवार से लेकर सोमवार सुबह तक चले अभियान के बाद आखिरकार आग पर नियंत्रण पाया गया। इस भीषण आग में जंगल को भारी क्षति हुई है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, एक से आठ वर्ष आयु के लगभग 8000 से अधिक देवदार, बांज और बुरांश प्रजाति के पेड़ जलकर नष्ट हो गए हैं, जो पर्यावरण के लिए गंभीर नुकसान है।आग बुझाने के अभियान में वन रक्षक हरीलाल, हृदय सिंह, फायर वॉचर साहीबू, मनीराम, खजाना दास, मुकेश, मनोज, विवेक कुमार, श्याम सिंह रावत, जयपाल रावत, राकेश और दैनिक सहायक अमित चौहान सहित कई कर्मचारी सक्रिय रूप से जुटे रहे।प्रशासन और वन विभाग ने आम जनता से अपील की है कि जंगलों को आग से बचाना सभी की जिम्मेदारी है। छोटी सी लापरवाही भी बड़े नुकसान का कारण बन सकती है, जिससे पर्यावरण के साथ-साथ जनजीवन पर भी खतरा उत्पन्न हो सकता है।
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