नई दिल्ली,27 अपै्रल (आरएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक महिला वकील पर उसके पति द्वारा कथित तौर पर किए गए बेरहमी से हमले का संज्ञान लिया और दिल्ली पुलिस कमिश्नर को मामले की जांच एक वरिष्ठ अधिकारी, खासकर एसीपी या डीसीपी रैंक की महिला अधिकारी को सौंपने का निर्देश दिया.
चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने इस मामले में खुद से कार्रवाई की.
बेंच ने जांच अधिकारी से तीन अस्पतालों द्वारा पीडि़त को भर्ती करने से मना करने के पहलू पर भी गौर करने को कहा. सुप्रीम कोर्ट ने कई निर्देश दिए. बेंच ने कहा कि शिकायत में आरोप है कि पीडि़ता के ससुराल वाले उसके दो नाबालिग बच्चों को ले गए और उनका कोई अता-पता नहीं है.
पुलिस की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने बेंच को बताया कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है.
भाटी ने बताया कि पीडि़ता के पति, जो मुख्य आरोपी है, को 25 और 26 अप्रैल की रात को गिरफ्तार किया गया था. बेंच ने कहा कि उसने इस मामले में तुरंत दखल देने की मांग वाले एक पत्र के बाद खुद से कार्रवाई की.
बेंच ने पुलिस को दोनों नाबालिग बच्चों का पता लगाने का निर्देश दिया. बेंच ने जांच अधिकारी से जांच पर स्टेटस रिपोर्ट जमा करने को कहा. आरोपी मनोज कुमार, जो सोनिया विहार का रहने वाला है, को रविवार को खजूरी खास इलाके से गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने बताया कि कुमार ने कथित तौर पर 22 अप्रैल को अपनी 38 साल की पत्नी को चाकू मार दिया था.
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