महासमुंद, 28 अप्रैल (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए महासमुंद जिले के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) विजय कुमार लहरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर परीक्षा प्रश्नपत्र से जुड़े विवाद, प्रशासनिक लापरवाही और वित्तीय अनियमितताओं जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।
प्रश्नपत्र विवाद से भड़का मामला=
8 जनवरी 2026 को सामने आए एक प्रकरण में चौथी कक्षा की अंग्रेजी परीक्षा के प्रश्नपत्र में आपत्तिजनक प्रश्न शामिल किया गया था। इस प्रश्न में कुत्ते के नाम के विकल्प के रूप में भगवान राम का नाम दिया गया था, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि प्रश्नपत्र तैयार करने और वितरण की जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारी की थी, लेकिन इसमें गंभीर लापरवाही बरती गई।
जांच में सामने आईं कई अनियमितताएं
विभागीय जांच के दौरान पाया गया कि
परीक्षा से जुड़े कार्यों में लापरवाही हुई
आपत्तिजनक सामग्री से सामाजिक संवेदनाएं प्रभावित हुईं
हाईकोर्ट से संबंधित मामलों में समय पर कार्रवाई नहीं की गई
शासन के निर्देशों की अनदेखी की गई
लेखा परीक्षण में वित्तीय गड़बडिय़ां उजागर हुईं
इन सभी आरोपों को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 का उल्लंघन मानते हुए शासन ने सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत निलंबन की कार्रवाई की है।
अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया

निलंबन अवधि के दौरान विजय कुमार लहरे को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा तथा उनका मुख्यालय रायपुर संभागीय कार्यालय निर्धारित किया गया है। वहीं, बी.एल. देवांगन (उप संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय) को महासमुंद जिला शिक्षा अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
विभाग की छवि पर असर=
शासन ने इस पूरे मामले को गंभीर कदाचार मानते हुए कहा है कि ऐसी घटनाएं विभाग की साख को नुकसान पहुंचाती हैं। इसलिए जवाबदेही तय करते हुए कड़ी कार्रवाई की गई है।
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