नईदिल्ली, 28 अपै्रल। रांची,28 अपै्रल। झारखंड की राजधानी रांची की प्रतिभाशाली फुटबॉल खिलाड़ी दिव्यानी लिंडा ने बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए इतिहास रच दिया है. दिव्यानी को एएफसी यू17 वूमेन्स एशियन कप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला है.
वह रांची की पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं, जिन्हें इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में देश के लिए खेलने का अवसर मिला है. खास बात यह है कि इस बार झारखंड से कुल चार खिलाडिय़ों का चयन हुआ है, जो राज्य के लिए गर्व की बात है.
दिव्यानी लिंडा रांची जिला के कांके प्रखंड अंतर्गत चंदरा गांव की रहने वाली हैं. सीमित संसाधनों और सुविधाओं की कमी के बावजूद उन्होंने अपने जुनून और मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया है. खेल के लिए उपयुक्त मैदान और संसाधनों की कमी जैसी चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया.
दिव्यानी स्टार वॉरियर्स फुटबॉल क्लब, कांके की प्रमुख खिलाड़ी हैं. इस क्लब ने उनके खेल को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. खासकर उनके कोच अनवरूल हक उर्फ बबलू का योगदान सराहनीय रहा है, जिन्होंने उनकी प्रतिभा को पहचानकर सही दिशा दी और लगातार मार्गदर्शन किया.
दिव्यानी लिंडा की इस उपलब्धि से उनका परिवार, क्लब और पूरा क्षेत्र गौरवान्वित है. स्थानीय जनप्रतिनिधियों और खेल प्रेमियों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है.
दिव्यानी लिंडा का कहना है कि यह मेरे लिए गर्व का क्षण है कि मुझे भारत के लिए खेलने का मौका मिला है. मैंने हमेशा देश के लिए खेलने का सपना देखा था. यह मेरी मेहनत, मेरे कोच और परिवार के सहयोग का परिणाम है. मैं टूर्नामेंट में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर देश और झारखंड का नाम रोशन करना चाहती हूं.
दिव्यानी लिंडा अब एशियाई स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए टीम इंडिया के साथ चीन रवाना हो चुकी हैं. उनकी यह सफलता न सिर्फ झारखंड बल्कि पूरे देश के युवा खिलाडिय़ों के लिए प्रेरणा बनकर उभरी है.
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