नईदिल्ली,28 अपै्रल (आरएनएस)। भारत के ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक बड़ी और राहत देने वाली खबर सामने आई है। लीबिया में भारतीय कंपनियों को तेल और गैस का नया भंडार मिला है, जिसे देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट में इस खोज की जानकारी दी है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी इस उपलब्धि को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कंसोर्टियम को बधाई दी है और भविष्य में इस संसाधन के बेहतर उपयोग की उम्मीद जताई है।
यह खोज लीबिया के गदामेस बेसिन स्थित कॉन्ट्रैक्ट एरिया 95/96 में की गई है। इस परियोजना में ऑयल इंडिया लिमिटेड और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड भारतीय कंसोर्टियम के हिस्से हैं, जबकि अल्जीरिया की कंपनी एसआईपीएक्स इस परियोजना की ऑपरेटर है।
मंत्रालय ने इस खोज को भारतीय ऊर्जा कंपनियों के बढ़ते वैश्विक विस्तार का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया है। साथ ही कहा गया है कि यह सफलता अंतरराष्ट्रीय साझेदारी की अहमियत को भी दर्शाती है। भारत लगातार विदेशों में ऊर्जा संपत्तियों में निवेश कर अपनी ऊर्जा जरूरतों को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है, और यह खोज उसी रणनीति का हिस्सा है।
गौरतलब है कि सरकार घरेलू कच्चे तेल उत्पादन को बढ़ाने पर भी लगातार काम कर रही है। लक्ष्य है कि 2030 तक उत्पादन को मौजूदा लगभग 29 मिलियन मीट्रिक टन से बढ़ाकर 35 मिलियन मीट्रिक टन तक पहुंचाया जाए, ताकि आयात पर निर्भरता कम हो सके। इसके लिए उत्पादन साझेदारी अनुबंध व्यवस्था, डिस्कवर्ड स्मॉल फील्ड पॉलिसी और हाइड्रोकार्बन एक्सप्लोरेशन एंड लाइसेंसिंग पॉलिसी जैसी कई नीतियां लागू की जा रही हैं।
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