मुजफ्फरनगर,28 अपै्रल (आरएनएस)। मुजफ्फरनगर के भौराकलां थाना क्षेत्र के खेड़ी सूंडियान गांव में किसान शेखर की हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-3 के पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर ने आरोपी मां और उसके तीन बेटों को फांसी की सजा सुनाई है। साथ ही 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह वारदात 17 जून 2019 को हुई थी।
मामले के अनुसार कस्बा सिसौली निवासी राजबाला देवी अपने बेटे शेखर के साथ खेड़ी सूंडियान गांव में 70 हजार रुपये उधार मांगने गई थीं। आरोप है कि इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया। आरोपियों ने पहले पथराव किया और बाद में लाठी-डंडों व ईंटों से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल शेखर की मौके पर ही मौत हो गई थी।
घटना के बाद राजबाला देवी ने रामकुमार उर्फ रामू, उसकी पत्नी मुकेश उर्फ बिट्टो और उनके तीन बेटों प्रदीप, संदीप व सोनू के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। जांच के दौरान रामकुमार उर्फ रामू की मौत हो जाने के कारण उसके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल नहीं किया गया। अदालत ने मां और तीन बेटों को दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुनाई
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि मृतक शेखर पर सात मुकदमे दर्ज थे और वह हिस्ट्रीशीटर था। साथ ही घटना के मोटिव और घटनास्थल को लेकर भी सवाल उठाए गए। हालांकि अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए चारों आरोपियों को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई और 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
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