लखनऊ 28 अप्रैल (आरएनएस )। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संचार किसी भी व्यवस्था का एक सशक्त माध्यम होता है। संचार व्यवस्था जितनी मजबूत होगी, पुलिस या अन्य बल उतने ही प्रभावी ढंग से कार्य कर सकेंगे, सटीक कार्रवाई कर पाएंगे तथा आमजन को समय पर राहत उपलब्ध करा सकेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस दूरसंचार विभाग में 936 नए प्रधान परिचालकों के चयन से संचार इकाई को और अधिक सशक्त बनाने में सहायता मिलेगी।मुख्यमंत्री लखनऊ में आयोजित उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा निष्पक्ष एवं पारदर्शी प्रक्रिया के अंतर्गत उत्तर प्रदेश पुलिस दूरसंचार विभाग के नवचयनित 936 प्रधान परिचालक तथा प्रधान परिचालक (यांत्रिक) को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से 10 नवचयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। कार्यक्रम से पूर्व उत्तर प्रदेश पुलिस दूरसंचार विभाग की उपलब्धियों पर आधारित एक लघु चलचित्र भी प्रदर्शित किया गया।मुख्यमंत्री ने कहा कि नवचयनित 936 प्रधान परिचालकों की भर्ती प्रक्रिया पूर्णत: निष्पक्ष, पारदर्शी तथा आरक्षण के नियमों का पालन करते हुए अभ्यर्थियों की योग्यता और क्षमता के आधार पर संपन्न कराई गई है। इन सभी कर्मियों को आठ माह का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें उन्हें सामान्य वॉकी-टॉकी प्रणाली से लेकर दूरसंचार की आधुनिक तकनीकों तक का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पुलिस कार्मिक के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि तभी वे देश और समाज की ईमानदारीपूर्वक सेवा कर सकेंगे।मुख्यमंत्री ने कहा कि नवचयनित कर्मियों को देश ही नहीं, बल्कि दुनिया की सबसे बड़ी सिविल पुलिस का हिस्सा बनने का अवसर मिला है। उन्होंने बताया कि हाल ही में प्रदेश के 112 केंद्रों पर 60,244 पुलिस आरक्षियों की दीक्षांत परेड आयोजित की गई। विगत नौ वर्षों में प्रदेश में दो लाख 20 हजार से अधिक पुलिस कार्मिकों की भर्ती सफलतापूर्वक संपन्न की जा चुकी है।उन्होंने कहा कि नौ वर्ष पहले निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया संपन्न कराना कठिन था, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में यदि किसी व्यक्ति में क्षमता है तो उसे आगे बढऩे से कोई नहीं रोक सकता। प्रदेश सरकार ने अभ्यर्थियों और उनके परिवारों की अपेक्षाओं के अनुरूप भर्ती प्रक्रिया को पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ संपन्न कराया है। इसलिए अब नवचयनित कर्मियों का दायित्व है कि वे भी उसी नीयत और ईमानदारी के साथ राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें।मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में केवल तीन हजार पुलिस कार्मिकों को एक साथ प्रशिक्षण देने की क्षमता थी, जबकि वर्ष 2025 में 60,244 पुलिस कार्मिकों को प्रदेश के प्रशिक्षण केंद्रों में प्रशिक्षित किया गया। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट नीति, साफ नीयत और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम है। उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में तीन दिनों के भीतर 40 हजार से अधिक होमगार्ड कार्मिकों की भर्ती परीक्षाएं सफलतापूर्वक आयोजित की गईं और इस वर्ष लगभग एक लाख नई भर्तियां की जाएंगी, जिनमें होमगार्ड, सिविल पुलिस और उप निरीक्षक के पद शामिल हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है, जहां 500 से अधिक कुशल खिलाडिय़ों को पुलिस बल में शामिल किया गया है। इसी का परिणाम है कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में उत्तर प्रदेश पुलिस बड़ी संख्या में पदक प्राप्त कर रही है।उन्होंने कहा कि प्रदेश में पुलिस की अवस्थापना सुविधाओं में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। वर्ष 2017 में प्रदेश के 10 जनपदों में पुलिस लाइन नहीं थी और कई थानों के पास स्वयं का भवन नहीं था, जबकि आज 55 जनपदों में आधुनिक बहुमंजिला भवनों में बैरक की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। मॉडल थानों का निर्माण तथा नए अग्निशमन केंद्रों की स्थापना की जा रही है। इसके साथ ही विशेष सुरक्षा बल, राज्य आपदा मोचन बल तथा महिला सशस्त्र आरक्षित बल की तीन नई बटालियनों का गठन किया गया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में राज्य स्तरीय विधि विज्ञान संस्थान सफलतापूर्वक कार्य कर रहा है तथा 12 उच्च श्रेणी की विधि विज्ञान प्रयोगशालाएं संचालित हैं और छह नई प्रयोगशालाएं निर्माणाधीन हैं। नए आपराधिक कानून लागू होने के बाद प्रत्येक जनपद में दो-दो चलित विधि विज्ञान प्रयोगशालाएं कार्य कर रही हैं, जिनमें प्रशिक्षित कर्मियों को तैनात किया गया है।उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था सुदृढ़ होने से निवेश का वातावरण बेहतर हुआ है और प्रदेश तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है। कानून का राज विकास की पहली गारंटी होता है और इसी के परिणामस्वरूप देश और दुनिया के बड़े निवेशक प्रदेश में निवेश के लिए आगे आ रहे हैं।कार्यक्रम को वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना तथा उत्तर प्रदेश पुलिस दूरसंचार विभाग के महानिदेशक आशुतोष पाण्डेय ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण, अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना संजय प्रसाद, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के महानिदेशक एस.बी. शिराडकर, अपर पुलिस महानिदेशक मुख्यालय डॉ. संजीव गुप्ता सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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