लखनऊ,(आरएनएस ) । पुलिस आयुक्त न्यायालय, लखनऊ द्वारा उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम के तहत एक प्रकरण में प्रयुक्त स्कूटी को राज्य के पक्ष में अधिहरण (जब्त) किए जाने का आदेश पारित किया गया है। यह कार्रवाई अधिनियम के प्रावधानों के उल्लंघन के मामले में की गई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना चौक, लखनऊ में पंजीकृत मुकदमा संख्या 244/2025 धारा 325 भारतीय न्याय संहिता, जो विवेचना के दौरान परिवर्तित होकर धारा 3/5/8 उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम 1955 यथासंशोधित अधिनियम 2020 के अंतर्गत किया गया, से संबंधित वाहन संख्या यूपी 32 एनवी 6783 (स्कूटी) को गोमांस के परिवहन में प्रयुक्त किए जाने का मामला सामने आया था। जांच के दौरान पाया गया कि उक्त स्कूटी का प्रयोग अधिनियम एवं नियमावली के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए जानबूझकर किया गया था।थाना चौक पुलिस द्वारा न्यायालय में आख्या प्रस्तुत करते हुए उक्त वाहन को राज्य के पक्ष में अधिहरण किए जाने की मांग की गई। न्यायालय द्वारा वाहन स्वामी, उसके प्रतिनिधि तथा वाहन चालक को अपने पक्ष में साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कई अवसर प्रदान किए गए। इसके लिए 9 मार्च 2026, 16 मार्च 2026, 23 मार्च 2026, 30 मार्च 2026, 6 अप्रैल 2026 तथा 13 अप्रैल 2026 की तिथियां निर्धारित की गईं।इसके बावजूद वाहन स्वामी, उसकी प्रतिनिधि पत्नी एवं वाहन चालक द्वारा अपने पक्ष के समर्थन में कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। राज्य की ओर से संयुक्त निदेशक अभियोजन अवधेश कुमार सिंह ने न्यायालय में अपने तर्क प्रस्तुत करते हुए वाहन को राज्य के पक्ष में अधिहरण किया जाना उचित बताया।न्यायालय ने पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों तथा प्रस्तुत तर्कों का परीक्षण करने के बाद 27 अप्रैल 2026 को खुले न्यायालय में आदेश पारित किया, जिसमें उक्त स्कूटी को राज्य के पक्ष में अधिहरण (जब्त) किए जाने के निर्देश दिए गए।पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस प्रकार की कार्रवाई का उद्देश्य अधिनियम के उल्लंघन पर प्रभावी रोक लगाना तथा अवैध गतिविधियों में प्रयुक्त वाहनों के विरुद्ध सख्त संदेश देना है।
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