लखनऊ 28 अप्रैल (आरएनएस )। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सोमवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय पर आयोजित पत्रकार वार्ता में स्मार्ट मीटर को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर अब ‘स्मार्ट चीटरÓ बनकर जनता को लूट रहे हैं और इनकी रफ्तार धावक मिल्खा सिंह से भी तेज हो गई है।संजय सिंह ने कहा कि जहां पहले उपभोक्ताओं का लगभग 1500 रुपये का बिजली बिल आता था, वहीं अब 6000 से 7000 रुपये तक बिल पहुंच रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रीपेड मीटर में रिचार्ज कराने के बाद भी 10 से 12 घंटे तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं होती, जिससे आम उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।उन्होंने बताया कि आम आदमी पार्टी आगामी 3 मई से पूरे उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगी। इस आंदोलन के अंतर्गत हस्ताक्षर अभियान, जनजागरण कार्यक्रम और विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में लगाए गए लगभग 80 लाख मीटरों में से करीब 70 लाख प्रीपेड मीटर हैं, जो आम जनता के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं।पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने “रोजगार दो–सामाजिक न्याय दो” पदयात्रा के पांचवें चरण की घोषणा करते हुए बताया कि यह यात्रा 16 मई से मेरठ से शुरू होकर 20 मई को गाजियाबाद में समाप्त होगी। उन्होंने कहा कि इस पदयात्रा के माध्यम से युवाओं को रोजगार, सामाजिक न्याय और किसानों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।अन्य मुद्दों पर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर में संजय सिंह ने कहा कि लखनऊ विश्वविद्यालय में फीस में की गई भारी बढ़ोतरी छात्रों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में वह सरकार को पत्र लिखकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे।पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर उन्होंने विश्वास जताया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व में एकतरफा जीत होगी। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप भी लगाया।न्यायपालिका से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि निष्पक्षता लोकतंत्र की आत्मा है और जब किसी न्यायाधीश की निष्पक्षता पर प्रश्न उठते हैं, तो उन्हें स्वयं उस मामले से अलग हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका के सम्मान की रक्षा करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।स्वास्थ्य और शिक्षा के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकताओं में ये क्षेत्र शामिल नहीं हैं, जिसका परिणाम यह है कि कई स्थानों पर स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी गंभीर समस्याएं सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जाति और धर्म के नाम पर राजनीति कर रही है और मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी कर रही है।पार्टी से जुड़े सवाल पर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि दबाव और एजेंसियों के माध्यम से अन्य दलों को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताते हुए कहा कि उनकी पार्टी अब सतर्क है और किसी भी प्रकार की राजनीतिक चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है।उन्होंने चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी बात रखते हुए आरोप लगाया कि मतदाताओं को प्रभावित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। संजय सिंह ने कहा कि बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मूलभूत मुद्दे तभी प्राथमिकता में आएंगे, जब जनता इन विषयों पर जागरूक होकर मतदान करेगी और जिम्मेदार नेतृत्व का चयन करेगी।
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