नई दिल्ली,लखनऊ 28 अप्रैल (आरएनएस )। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने दिल्ली राज्य इकाई की विस्तृत समीक्षा बैठक में पार्टी संगठन को जमीनी तथा आर्थिक स्तर पर मजबूत बनाने और जनाधार को व्यापक रूप से बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। लंबी चली इस बैठक में पूर्व में दिए गए दिशा-निर्देशों के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की गई तथा संगठन के कार्यों का आकलन करते हुए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।बैठक के दौरान संगठन के जिन पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं द्वारा संतोषजनक कार्य किए गए, उनके प्रयासों की सराहना की गई, वहीं जहां कार्य अपेक्षा के अनुरूप नहीं पाए गए, वहां कई स्तरों पर संगठनात्मक फेरबदल किया गया। मायावती ने स्पष्ट निर्देश दिया कि पार्टी के सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता पूरी निष्ठा, अनुशासन और समर्पण के साथ संगठन को मजबूत करने में जुटें तथा निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए पूरे मनोयोग से कार्य करें।
दिल्ली के वर्तमान राजनीतिक हालात पर चर्चा करते हुए उन्होंने बैठक में प्राप्त प्रतिक्रिया के आधार पर कहा कि आमजन के हित, कल्याण और जीवन स्तर से जुड़े मुद्दों को लेकर लोगों में निराशा का माहौल है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान शासन व्यवस्था आम जनता की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर पा रही है, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में बहुजन समाज पार्टी आमजन के लिए एक नई उम्मीद के रूप में उभर सकती है, बशर्ते संगठन पूरी लगन और मेहनत के साथ जनता के बीच जाकर अपनी नीतियों और विचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करे।उन्होंने कहा कि देश की राजधानी होने के कारण दिल्ली में विभिन्न वर्गों और समुदायों के लोगों की अलग-अलग आवश्यकताएं हैं। विशेष रूप से मेहनतकश और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए जीवन यापन की परिस्थितियां लगातार चुनौतीपूर्ण होती जा रही हैं। ऐसी स्थिति में सभी नागरिकों को सुरक्षित, सरल और सम्मानजनक जीवन के लिए सशक्त कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार मुक्त शासन और न्यायपूर्ण प्रशासन की आवश्यकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कानून का राज स्थापित करना किसी भी सुशासन की पहली शर्त होती है और यह सुनिश्चित करना शासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।मायावती ने पार्टी पदाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जनता के बीच यह संदेश प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए कि सर्वसमाज के हित और कल्याण के लिए न्यायपूर्ण शासन और मजबूत कानून व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों से संवाद स्थापित करें और उनकी समस्याओं को समझते हुए संगठन को मजबूत करने का कार्य करें।उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि संगठन की मजबूती केवल पदाधिकारियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि प्रत्येक कार्यकर्ता को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए पार्टी के विस्तार में सक्रिय भूमिका निभानी होगी। आर्थिक रूप से संगठन को मजबूत बनाने पर भी विशेष बल देते हुए उन्होंने कहा कि संसाधनों की सुदृढ़ता से ही संगठन की गतिविधियों को प्रभावी रूप से संचालित किया जा सकता है।बैठक में आगामी चुनावों की तैयारियों को लेकर भी व्यापक चर्चा की गई। इससे पूर्व 23 अप्रैल को उत्तराखंड राज्य की समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें पार्टी संगठन को उत्तर प्रदेश और पंजाब के साथ होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर अभी से तैयार रहने की हिदायत दी गई थी। उस बैठक में भी संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने, जनाधार बढ़ाने और बूथ स्तर तक पार्टी की सक्रियता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया था।मायावती ने कहा कि आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठन को और अधिक सक्रिय और संगठित बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे क्षेत्रीय स्तर पर नियमित बैठकें आयोजित करें, जनता से संवाद बढ़ाएं और स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय पहल करें।बैठक के अंत में उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ संगठन के मिशन को आगे बढ़ाएं तथा समाज के सभी वर्गों तक पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों को पहुंचाने का कार्य तेज करें, ताकि आने वाले समय में संगठन और अधिक मजबूत होकर जनता के विश्वास पर खरा उतर सके।
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