लखनऊ 28 अप्रैल (आरएनएस )। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बंगाल चुनाव के दौरान पर्यवेक्षक बनाए गए उत्तर प्रदेश के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से जुड़े कथित अभद्र वीडियो प्रकरण को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इस वीडियो के सार्वजनिक होने से उत्तर प्रदेश सरकार के शासन-प्रशासन की छवि को गंभीर क्षति पहुंची है और सरकार द्वारा किए जा रहे महिला सम्मान और नारी सुरक्षा के दावों की वास्तविकता भी सामने आ गई है।अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा शासन-प्रशासन में इस प्रकार के व्यक्ति और अधिकारी अपवाद नहीं रह गए हैं, जिससे महिलाओं के मन में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जब महिला सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले ही इस प्रकार के आचरण में लिप्त पाए जाते हैं, तो आम महिलाओं के मन में अपनी सुरक्षा को लेकर स्वाभाविक रूप से चिंता उत्पन्न होती है।उन्होंने कहा कि इस घटना से भाजपा से जुड़ी महिलाओं में भी असहजता और शर्मिंदगी की स्थिति बनी है, क्योंकि महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा हर परिवार से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित अधिकारी के विरुद्ध निलंबन या बर्खास्तगी जैसी कार्रवाई कितनी शीघ्र की जाती है।अखिलेश यादव ने कहा कि इस प्रकरण का सीधा संबंध मुख्यमंत्री की छवि से भी जुड़ा हुआ है और इस मामले में की जाने वाली कार्रवाई से यह स्पष्ट होगा कि सरकार और मुख्यमंत्री का इस मुद्दे पर क्या रुख है। उन्होंने कहा कि इतने गंभीर प्रकरण के सामने आने के बाद सरकार को अनुशासनात्मक और दंडात्मक कार्रवाई करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को इस प्रकार के मामलों में किसी भी प्रकार का बहाना बनाने के बजाय स्पष्ट और कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अपराध के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति केवल अपराधियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि ऐसे अधिकारियों पर भी समान रूप से लागू होनी चाहिए, ताकि कानून व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था में जनता का विश्वास बना रहे।
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