मेरठ ,28 अपै्रल (आरएनएस)। मेरठ से प्रयागराज से मेरठ के बीच 594 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेसवे पर देश के विकास का पहिया 29 अप्रैल यानी आज (बुधवार) से दौडऩे लगेगा। यूपी के इस सबसे लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे को उत्तराखंड के हरिद्वार तक जोड़ा जाएगा। फिलहाल छह लेन वाले इस एक्सप्रेसवे को आने वाले समय में आठ लेन का किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे।
36,230 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार गंगा एक्सप्रेसवे यूपी के 12 जिले और 519 गांवों से होकर गुजरेगा। इसमें मेरठ, बुलंदशहर, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जैसे बड़े महानगर भी शामिल हैं। एक्सप्रेसवे पर 3.5 किमी लंबा एयरस्ट्रिप भी बनाया गया है। इस पर भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमान भी आपात लैंडिंग कर सकेंगे। हापुड़ के ब्रजघाट में गंगा पर एक किमी और इससे आगे रामगंगा पर 720 मीटर लंबे पुलों से इस एक्सप्रेसवे को गुजारा गया है। दोनों नदियों के ऊपर से गुजरते समय लोगों को अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा। इसमें 381 अंडरपास, 14 मुख्य पुल, 126 छोटे पुल और 929 पुलिया शामिल हैं।
बिजौली (मेरठ) से चांदनेर (हापुड़) 48.9 किमी, चांदनेर (हापुड़) से मिर्जापुर डूंगल (अमरोहा) 30 किमी,मिर्जापुर डूंगल (अमरोहा) से नगला बरहा (बदायूं) 50.7 किमी,नगला बरहा (बदायूं) से बिनावर (बदायूं) 52.1 किमी, बिनावर (बदायूं) से दरी गुलऊ (शाहजहांपुर) 46.7 किमी, दरी गुलऊ (शाहजहांपुर) से उबरिया खुर्द (हरदोई) 52.9 किमी है। उबरिया खुर्द (हरदोई) से इकसाई (हरदोई) 52.4 किमी, इकसाई (हरदोई) से रैया माओ (उन्नाव) 50.2 किमी, रैया माओ (उन्नाव) से सरसों (उन्नाव) 53.1 किमी,सरसों (उन्नाव) से तेरुखा (रायबरेली) 51.8 किमी, तेरुखा (रायबरेली) से नौढिय़ा (प्रतापगढ़) 52 किमी, नौढिय़ा (प्रतापगढ़) से जूड़ापुर दांदू (प्रयागराज) 53 किमी है।
यह एक्सप्रेसवे मेरठ को सीधे प्रयागराज से जोड़ेगा। सरकार ने एक्सप्रेसवे की खूबियों को जन-जन तक पहुंचाने का निर्णय लिया है। मेरठ के बिजौली में भव्य कार्यक्रम के लिए गंगा एक्सप्रेसवे और टोल प्लाजा को फूलों व लाइटों से सजाया जाएगा। जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
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