राजनांदगांव 28 अप्रैल (आरएनएस) साइबर ठगी के संगठित नेटवर्क पर ऐसा बड़ा वार हुआ जिसने बैंक खातों के जरिए चल रहे पूरे खेल को उजागर कर दिया, “मिशन साइबर सुरक्षा” अभियान के तहत साइबर सेल और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने 14 म्यूल बैंक खातों के जरिए हो रहे करीब 50 लाख रुपये के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा करते हुए 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया, कार्रवाई भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) से मिली पुख्ता जानकारी के आधार पर की गई जहां विभिन्न बैंकों—इंडियन ओवरसीज बैंक, ICICI, कैनरा, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, एक्सिस, SBI, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और PNB—के खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर और रिसीव करने के लिए किया जा रहा था, जांच में सामने आया कि आरोपी मामूली लालच में अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, सिम और चेकबुक उपलब्ध कराकर ठगों के नेटवर्क का हिस्सा बन गए थे, पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में थाना कोतवाली में अलग-अलग अपराध क्रमांकों के तहत मामला दर्ज कर सभी आरोपियों पर धारा 317(2) और 317(4) BNS के तहत गिरफ्तारी कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया, पकड़े गए आरोपियों में मिहीर साहू निवासी लखोली, भरत वैष्णव निवासी ग्राम किरगी, शेख फैजान निवासी तकियापारा दुर्ग, कुणाल सिंह निवासी बख्तावर चाल राजनांदगांव, कुमारू लाल साहू निवासी मुरूमकला जिला केसीजी, दुकालू राम साहू निवासी रेवाडीह, मोनिका यादव निवासी नंदई चौक, शेख सैफूद्दीन निवासी लखोली अटल आवास, संगीता साहू निवासी घोरदा, केजा बाई यादव निवासी घोरदा, राधिका यादव निवासी घोरदा, मुकेश निर्मलकर निवासी मुढ़हीपार, किरण रहकवार निवासी ममतानगर और शेखर पसिने निवासी तालपुरी भिलाई शामिल हैं, पुलिस ने साफ चेतावनी दी है कि अपना बैंक खाता या दस्तावेज किसी को देना अब सीधा अपराध माना जाएगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई होगी, आम लोगों से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध ट्रांजेक्शन की तुरंत सूचना दें और किसी लालच में आकर अपने बैंक विवरण साझा न करें, फिलहाल यह कार्रवाई एक बड़ा संदेश है कि साइबर अपराध अब सिर्फ ऑनलाइन नहीं बल्कि आम लोगों की छोटी लापरवाही से पनप रहा है और इससे बचने का सबसे बड़ा हथियार जागरूकता ही है।
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