कोलकाता 29 अप्रैल (आरएनएस)। बंगाल में आज दूसरे चरण का मतदान भी सम्पन्न हो गया। कोलकाता जैसे महानगर में भी सेना की बमरोधी बख्तरबंद का दिखना भी आम रहा। ऐसे में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और पार्टी के सांसद व आखिल भारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा कि, बंगाल में मतदान की सुरक्षा तैनाती का पैमाना अभूतपूर्व है, मुझे तो यह लग रहा है कि बस अब “बंगाल में केवल राफेल जेट तैनात किए जाने बाकी हैं।” उन्होंने आगे कहा कि नौसेना के युद्धपोत भी अभी तैनात नहीं किए गए हैं, और इस व्यवस्था की तुलना युद्धकालीन सुरक्षा उपायों से करते हुए कहा कि बाहरी खतरों से निपटने के लिए तैनात बलों का उपयोग राज्य की चुनावी प्रक्रिया में किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा, “जिस चीज की तैनाती पाकिस्तान और बांग्लादेश के खिलाफ करनी चाहिए थी वो बंगाल के लोगों के लिए कर रहे हैं।” बंगाल में लोगों को दहशत में रखने का औचित्य क्या है। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 142 विधानसभा क्षेत्रों में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान में तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी ने अपना वोट डालने के तुरंत बाद तीखी राजनीतिक टिप्पणी की। टीएमसी नेता ने राज्य भर में केंद्रीय बलों की अत्यधिक तैनाती को लेकर चुनाव आयोग पर निशाना साधा। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि उन्होंने चुनाव आयोग पर दबाव में काम करने का आरोप लगाया और कहा कि केंद्रीय बलों और पर्यवेक्षकों की व्यापक तैनाती के बावजूद तृणमूल कांग्रेस को मजबूत जीत का पूरा भरोसा है। बनर्जी ने दावा किया कि पार्टी 2021 के चुनावों से अधिक सीटें हासिल करेगी और जनता का समर्थन उनके साथ मजबूती से बना हुआ है। दिन की शुरुआत में, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी चुनाव प्रबंधन पर चिंता जताई और पार्टी के पोस्टर हटाने और प्रशासनिक कार्रवाइयों के माध्यम से डराने-धमकाने का आरोप लगाया। उन्होंने नव तैनात अधिकारियों के आचरण पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव परिणाम मतदाताओं द्वारा निर्धारित किया जाना चाहिए, न कि सुरक्षा बलों द्वारा। वहीं, कई जिलों में कड़ी निगरानी में मतदान जारी रहा।अभिषेक बनर्जी ने भी अपना वोट डाला और अपनी पार्टी के फिर बहुमत में सरकार बनाने का दावा किया।
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