बिलासपुर, 30 अप्रैल 2026 (आरएनएस) —करीब आठ महीने से लापता नाबालिग बालिका की तलाश आखिरकार खत्म हुई और इसके साथ ही एक सनसनीखेज सच सामने आया, सीपत पुलिस ने ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत अपहरण कर ले जाए गए मासूम को बरामद करते हुए आरोपी को धर दबोचा, मामले की शुरुआत 8 अगस्त 2025 को हुई थी जब पीड़िता के पिता ने थाना सीपत में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनकी नाबालिग बेटी को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर भगा ले गया है, रिपोर्ट दर्ज होते ही पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर महिला एवं बच्चों से जुड़े अपराधों में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत केस को प्राथमिकता दी गई, तकनीकी साक्ष्यों और लगातार पतासाजी के दौरान पुलिस को अहम सुराग मिला कि अपहृत बालिका और संदिग्ध आरोपी राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम माटेकटा में छिपे हुए हैं, सूचना मिलते ही थाना सीपत की टीम गठित कर तुरंत रवाना की गई और डोंगरगढ़ पुलिस के सहयोग से लोकेशन ट्रेस कर दबिश दी गई, कार्रवाई के दौरान बालिका को सुरक्षित बरामद कर लिया गया और आरोपी संत कुमार शाह, पिता बुधराम शाह, उम्र 21 वर्ष, निवासी ग्राम दर्राभाठा थाना सीपत जिला बिलासपुर को मौके से गिरफ्तार किया गया, जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाकर उसका शारीरिक शोषण किया, इस गंभीर खुलासे के बाद पुलिस ने मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 87, 64(एम) के साथ पोक्सो एक्ट की धारा 4(2) और 6 जोड़ते हुए केस को और मजबूत किया, आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया, पूरी कार्रवाई में तकनीकी जांच, सतत निगरानी और इंटर-डिस्ट्रिक्ट पुलिस समन्वय की अहम भूमिका रही जिसने एक जघन्य अपराध का पर्दाफाश किया और पीड़िता को सुरक्षित वापस लाया, पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा—और बहरहाल यह मामला बताता है कि कानून की पकड़ भले देर से आए, लेकिन अपराधी बच नहीं सकता।
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