देहरादून,30 अपै्रल (आरएनएस)। दून यूनिवर्सिटी के डॉ. अंबेडकर पीठ और समाज कार्य विभाग की ओर से आयोजित वार्षिक कपड़ा संग्रह अभियान ‘गूंजÓ का समापन हो गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्रों के अधिशेष संसाधनों (कपड़े, किताबें, स्कूल सामग्री) को एकत्रित कर ग्रामीण और वंचित समुदायों तक पहुंचाना है। यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रोफेसर सुरेखा डंगवाल ने अभियान की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा केवल कक्षाओं तक सीमित नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे अभियान छात्रों में सहानुभूति और सामाजिक जवाबदेही की भावना जगाते हैं, जो एक समतावादी समाज के निर्माण के लिए आवश्यक है। स्कूल ऑफ़ सोशल साइंसेज़ के डीन प्रोफेसर राजेंद्र पी. ममगाई ने इसे संसाधनों के पुनर्वितरण का एक व्यावहारिक मॉडल बताया। उन्होंने कहा कि यह पहल शहरी समृद्धि और ग्रामीण अभाव के बीच की खाई को पाटने का एक सशक्त माध्यम है। डॉ. अंबेडकर पीठ के प्रोफेसर हर्ष डोभाल ने कहा कि यह सहयोग सामाजिक न्याय की परिकल्पना को साकार करता है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के परिवारों को जरूरी संसाधन मिल सकेंगे। इस अभियान में यूनिवर्सिटी समुदाय के साथ स्थानीय निवासियों ने भी बढ़-चढ़कर योगदान दिया। एकत्रित सामग्री को अब ‘गूंज’ संस्था के नेटवर्क के जरिए ग्रामीण इलाकों में भेजा जाएगा। इस दौरान छात्रों और फैकल्टी सदस्यों ने टिकाऊ जीवनशैली और सामुदायिक सेवा का संकल्प लिया।
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