नईदिल्ली,01 मई (आरएनएस)। पश्चिम बंगाल में हुए विधानसभा चुनावों की मतगणना 4 मई को होगी। इससे पहले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने विधानसभा चुनाव में मतगणना पर्यवेक्षकों के रूप में केवल केंद्र सरकार या सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के कर्मचारियों की नियुक्ति के चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। टीएमसी ने 4 मई को होने वाली मतगणना का हवाला देते हुए याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग की है। आइए जानते हैं याचिका में क्या कहा गया है।
टीएमसी ने याचिका दायर कर मतगणना पर्यवेक्षकों के रूप में की जा रही नियुक्ति में पश्चिम बंगाल राज्य सरकार के कर्मचारियों को भी शामिल करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि चुनाव आयोग ने इस प्रक्रिया में केवल केंद्रीय कर्मचारियों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के कर्मचारियों की ही नियुक्ति करने का निर्णय कर भेदभाव करने का काम किया है। ऐसे में मतगणना तारीख की नजदीकी को देखते हुए इस याचिका पर तत्काल सुनवाई की जानी चाहिए।
इससे पहले टीएमसी ने मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया था, लेकिन गुरुवार को हाई कोर्ट ने उसकी याचिका को खारिज कर दिया। टीएमसी की याचिका के खिलाफ आयोग ने तर्क दिया था कि यह निर्देश मतगणना प्रक्रिया की निष्पक्षता के बारे में आशंकाओं के आधार पर जारी किया गया था और इसी तरह के निर्देश केरल जैसे अन्य राज्यों में भी लागू किए गए हैं। उसके बाद हाई कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया।
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने प्रत्येक मतगणना केंद्र पर कम से कम एक व्यक्ति, विशेष रूप से मतगणना पर्यवेक्षक केंद्र सरकार या सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम का अधिकारी की ही नियुक्ति करने के आदेश दिए थे।
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