मुंगेली, 02 मई (आरएनएस)। गौसेवा से जुड़े लोगों का विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को अचानक उग्र हो गया, जब उनकी मांगें प्रशासनिक स्तर से आगे बढ़कर कानून-व्यवस्था की चुनौती बन गईं। कलेक्ट्रेट परिसर के मुख्य गेट पर मवेशियों को बांधकर शुरू हुआ प्रदर्शन धीरे-धीरे चक्काजाम और नेशनल हाईवे बाधित करने तक पहुंच गया।
सुबह करीब 9 बजे से ही प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट पहुंचने लगे और मुख्य द्वार के सामने लगभग दो दर्जन मवेशियों को बांधकर विरोध जताया। इस दौरान बीमार और घायल पशुओं को भी परिसर में लाया गया, जिससे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि करीब तीन महीने पहले उन्होंने भूख हड़ताल की थी, जिसके बाद प्रशासन ने उनकी प्रमुख मांगों—स्थायी गौशाला निर्माण, आधुनिक पशु चिकित्सालय और एम्बुलेंस सेवा—को निर्धारित समय में पूरा करने का आश्वासन दिया था। लेकिन समय सीमा बीत जाने के बावजूद कोई ठोस पहल नहीं होने से नाराजगी बढ़ती गई।
कलेक्ट्रेट परिसर में प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई चर्चा जल्द ही विवाद में बदल गई। समन्वय न बन पाने के कारण स्थिति बिगड़ती गई और प्रदर्शनकारी मुख्य सड़क पर उतर आए, जहां उन्होंने चक्काजाम कर दिया। देखते ही देखते बिलासपुर-मुंगेली मार्ग और नेशनल हाईवे पर लंबा जाम लग गया, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
हालात को नियंत्रित करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने कई बार समझाइश दी, लेकिन प्रदर्शनकारी तत्काल मांगों के समाधान पर अड़े रहे। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाना पड़ा।
स्थिति बिगडऩे पर सिटी कोतवाली पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए चक्काजाम और मार्ग अवरोध के आरोप में कार्रवाई शुरू की। करीब डेढ़ दर्जन लोगों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है, वहीं तीन प्रमुख प्रदर्शनकारियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन घटना ने प्रशासन और गौसेवकों के बीच बढ़ते तनाव को उजागर कर दिया है।
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