हरिद्वार,02 मई (आरएनएस)। समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष महंत शुभम गिरी ने राज्य सरकार से संस्कृत विद्यालयों और महाविद्यालयों में शिक्षकों व प्रधानाचार्यों की शीघ्र नियुक्ति करने की मांग की है। प्रेस को जारी बयान में उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में संस्कृत को द्वितीय राजभाषा का दर्जा प्राप्त है, लेकिन इसके बावजूद संस्कृत शिक्षा की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में पिछले नौ वर्षों से भाजपा की सरकार होने के बावजूद संस्कृत शिक्षा के विकास के लिए ठोस प्रयास नहीं किए गए। संस्कृत विद्यालयों और महाविद्यालयों में लंबे समय से अध्यापकों और प्रधानाचार्यों के पद रिक्त पड़े हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। महंत शुभम गिरी ने कहा कि सरकार धर्म और संस्कृति के नाम पर राजनीति तो करती है, लेकिन संस्कृत भाषा और उससे जुड़े संस्थानों के विकास के लिए गंभीर नहीं है। उन्होंने सरकार से मांग की कि संस्कृत शिक्षा को मजबूत करने के लिए जल्द से जल्द रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जाए और विद्यालयों की मूलभूत सुविधाओं में सुधार किया जाए, ताकि संस्कृत भाषा का संरक्षण और संवर्धन हो सके।
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