हल्द्वानी,02 मई (आरएनएस)। तराई केंद्रीय वन प्रभाग के टांडा रेंज में जंगली हाथियों की बढ़ती गतिविधियों ने स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। एक के बाद एक तीन लोगों की मौत के बाद वन विभाग ने अब एक विशेष हाथी पर अपनी नजरें टिका दी हैं, जिसकी पहचान डेढ़ दांत वाले लंगड़े हाथी के रूप में हुई है। वन क्षेत्राधिकारी रूप नारायण गौतम के अनुसार, हमला करने वाले हाथी की पहचान कर ली गई है। यह हाथी डेढ़ दांत वाला है और एक पैर से लंगड़ा है। इस विशिष्ट पहचान के बाद विभाग ने इसकी गतिविधियों पर विशेष नजर रखनी शुरू कर दी है। हाथियों का मूवमेंट अब जंगल से निकलकर आबादी वाले क्षेत्रों और खेतों की ओर बढ़ रहा है, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष का खतरा गहरा गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में गश्त और निगरानी तेज कर दी गई है। वन क्षेत्राधिकारी के अनुसार, वर्तमान में हाथी प्रजनन उग्रता के दौर से गुजर रहे हैं। इस अवधि में नर हाथियों के भीतर होने वाले हार्मोनल बदलाव उनके व्यवहार को असामान्य रूप से उत्तेजित और आक्रामक बना देते हैं।
पीडि़त परिवार को सहायता: हालिया घटना में मृतक के परिजनों को वन विभाग द्वारा प्रारंभिक सहायता राशि तुरंत उपलब्ध करा दी गई है। रेंजर ने आश्वासन दिया है कि अन्य कागजी औपचारिकताएं पूरी होते ही शासन द्वारा निर्धारित पूरी सहायता राशि भी जल्द प्रदान की जाएगी।
वन विभाग ने क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि वे अत्यधिक सतर्कता बरतें। अकेले जंगल या खेतों की ओर जाने से बचें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या हाथी दिखने पर तुरंत वन विभाग को सूचित करें।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

