लखनऊ ,02 मई (आरएनएस)। उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड द्वारा परम्परागत कारीगरों और शिल्पियों के कौशल विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 15 दिवसीय शिल्पकारी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, लखनऊ के माध्यम से मण्डलीय ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केन्द्र, डालीगंज में संचालित किया जाएगा।कार्यक्रम के तहत प्रतिभागियों को दैनिक उपयोग की वस्तुएं, सजावटी सामग्री, खिलौने और मूर्तियां बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही मिट्टी के उत्पादों पर कटिंग, चित्रकारी और नक़्काशी जैसी पारंपरिक कलाओं की बारीकियां भी सिखाई जाएंगी। प्रशिक्षण पूर्णत: आवासीय होगा, जिसमें प्रतिभागियों के रहने और भोजन की व्यवस्था नि:शुल्क की जाएगी।विशेष बात यह है कि प्रशिक्षण के दौरान प्रत्येक प्रशिक्षार्थी को 250 रुपये प्रतिदिन की दर से मानदेय भी दिया जाएगा, जिससे कारीगरों को आर्थिक सहयोग भी मिलेगा।प्रशिक्षण में भाग लेने के इच्छुक परम्परागत कारीगर, मूर्तिकार और माटीकला से जुड़े अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के बाद अभ्यर्थियों को अपना प्रपत्र 20 मई 2026 तक जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, 8 कैण्ट रोड, कैसरबाग, लखनऊ में जमा करना अनिवार्य होगा।आवेदन पत्र के साथ आधार कार्ड, राशन कार्ड, फोटो, शैक्षिक प्रमाणपत्र (मार्कशीट) और बैंक पासबुक की छायाप्रति संलग्न करना आवश्यक है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से माटीकला से जुड़े कारीगरों को आधुनिक तकनीकों के साथ पारंपरिक कला को सशक्त बनाने का अवसर मिलेगा।
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