चित्रकूट 25 जून (आरएनएस)। उप कृषि निदेशक जीत लाल गुप्ता ने बताया कि सूखे से निपटने के लिए जिले में कृषि विभाग ने कार्य योजना बनाई है। वर्षा देर से होने या वर्षा कम होने पर किसानों को जागरुक कर अलग-अलग योजना बनाई गई है। उन्होंने बताया कि वर्षा देर से होने पर जल्दी पकने वाली धान की प्रजातियों की सीधी बुवाई या मोटे अनाज की खेती कराई जाएगी। खेतों में मेड़बंदी व समतलीकरण से लेकर फसल बीमा योजना से अधिक से अधिक किसानों को जोडऩे का कार्य किया जाएगा। कहा कि खेती जनपद के अर्थव्यवस्था का मूल आधार है, ज्यादातर सिंचाई का साधन वर्षा व नहरें हैं। वर्षा से धान की फसल की वृद्धि बहुत तेजी से होती है, लेकिन इस बार समुद्री हवाओं से जुड़े घटनाक्रम अलनीनो के कारण इस बार मानसून कमजोर बताया जा रहा है। सूखे की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है, कृषि विभाग ने सूखे की स्थिति में खेती को बचाने के लिए योजना तैयार की है। यदि वर्षा 15 जुलाई के बाद होती है तो किसानों को जल्दी पकने वाली धान की प्रजाति पीआर 128, पीआर126, बासमती 1692 दी जाएगी। उन्होंने इस बार रोपाई के समय खेत में पानी नहीं भरने की किसानों से अपील की है। अगर मानसून इससे भी देरी से आता है तो किसानों से ज्वार, बाजरा, रागी, साँवा,कोदो आदि मोटे अनाज की खेती भी कराई जाएगी एवं जिले के किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा के अंतर्गत आच्छादित कराने का पूर्ण प्रयास किया जाएगा।
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