लखनऊ/बलरामपुर ,02 मई (आरएनएस)। उत्तर प्रदेश के जनपद बलरामपुर में ग्रामीण विकास और डिजिटल गवर्नेंस का एक नया अध्याय तेजी से आकार ले रहा है। जिला प्रशासन के प्रयासों के चलते अब गांव के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक सरकारी सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित हो रही है। पारदर्शी, सुगम और समयबद्ध सेवाएं ग्रामीणों को उनके द्वार पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ग्राम स्तर पर डिजिटल ढांचे को अभूतपूर्व रूप से सुदृढ़ किया गया है।पंचायत भवन, जो पहले केवल बैठकों तक सीमित थे, अब “डिजिटल सेवा केंद्र” के रूप में विकसित हो चुके हैं। इन केंद्रों के माध्यम से जनपद में अब तक 58 हजार से अधिक सेवाएं आमजन को प्रदान की जा चुकी हैं, जो ग्रामीण सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।राज्य सरकार की स्मार्ट विलेज और डिजिटल उत्तर प्रदेश जैसी योजनाओं के तहत पंचायत भवनों का आधुनिकीकरण किया गया है। ‘पंचायत सचिवालयÓ योजना के अंतर्गत प्रत्येक पंचायत में पंचायत सहायक की नियुक्ति की गई है। इन्हें आवश्यक प्रशिक्षण और उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं, जिसके माध्यम से आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, खतौनी, पेंशन जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं अब गांव में ही मिल रही हैं। इससे ग्रामीणों को तहसील या शहर जाने की जरूरत नहीं पड़ रही, जिससे समय और धन दोनों की बचत हो रही है।बलरामपुर में इस डिजिटल पहल का एक महत्वपूर्ण पहलू आधार सेवाओं का विस्तार है। पहले चरण में 50 पंचायत भवनों पर आधार कार्ड बनाने और संशोधन की सुविधा शुरू की गई है। पंचायत सहायकों को बायोमेट्रिक उपकरण और तकनीकी सहयोग प्रदान किया गया है, जिससे कार्यों में तेजी और पारदर्शिता आई है। अब ग्रामीण अपने बच्चों का आधार बनवाने या पुराने विवरण में संशोधन के लिए सीधे पंचायत भवन पहुंच रहे हैं।इस पूरी व्यवस्था की सफलता का आधार मजबूत डिजिटल नेटवर्क और निर्बाध इंटरनेट कनेक्टिविटी है। पंचायती राज विभाग द्वारा सभी पंचायत भवनों में हाई-स्पीड वाई-फाई सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे ऑनलाइन सेवाओं में किसी प्रकार की बाधा नहीं आती। पंचायत सहायक रियल-टाइम में डेटा अपलोड और अपडेट कर रहे हैं, जिससे आवेदनों का निस्तारण तेजी से हो रहा है।इसके साथ ही पंचायत सहायकों के उत्साहवर्धन के लिए प्रोत्साहन योजना भी लागू की गई है। उन्हें नियमित मानदेय के अलावा प्रत्येक डिजिटल सेवा पर अतिरिक्त 5 रुपये का प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे उनकी सक्रियता और सेवा भावना में वृद्धि हुई है।पंचायत भवनों से जुड़ी ये सुविधाएं अब ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा दे रही हैं। बैंकिंग सेवाओं, बीसी सखी और डिजिटल साक्षरता कार्यक्रमों के साथ मिलकर ये केंद्र गांवों में आर्थिक गतिविधियों के नए केंद्र बन रहे हैं। जिला प्रशासन की इस पहल से पारदर्शिता बढ़ी है, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंच रहा है।बलरामपुर का यह मॉडल अब प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी एक प्रेरणास्रोत बनता जा रहा है, जहां डिजिटल माध्यम से ग्रामीण जीवन को सरल, सुलभ और सशक्त बनाया जा रहा है।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

