कुशीनगर, 03 मई (आरएनएस)। जिला मुख्यालय स्थित विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमो की गहन समीक्षा की गई तथा स्वास्थ्य सुविधाओं के बेहतरी पर विशेष जोर दिया गया साथ ही उनके प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक सुलभ, सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने पर विशेष बल दिया गया। सार्वभौमिक प्रतिरक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद में शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने हेतु मदरसों एवं विद्यालयों में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। इसके लिए शिक्षा विभाग एवं अल्पसंख्यक विभाग के साथ समन्वय स्थापित करते हुए जिला स्तरीय अधिकारियों को सक्रिय भूमिका निभाने के लिए निर्देशित किया गया, ताकि कोई भी पात्र बच्चा टीकाकरण से वंचित न रह जाए। आयुष्मान भारत योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाएं। इसके लिए ग्राम स्तर पर विशेष कैंप आयोजित कर जागरूकता बढ़ाने तथा पात्र व्यक्तियों को योजना से जोडऩे के लिए प्रभावी रणनीति अपनाने को कहा गया। स्वास्थ्य संस्थानों में मानव संसाधन की उपलब्धता को लेकर जिलाधिकारी ने सी.एच.ओ., चिकित्सकों एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के पदों का युक्तिकरण करते हुए उनकी तैनाती आवश्यकतानुसार करने के निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे स्वास्थ्य केंद्र, जहां स्टाफ की कमी है, वहां प्राथमिकता के आधार पर तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हो सकें। बैठक में आशा कार्यकर्ताओं के कार्यों की समीक्षा करते हुए पाया गया कि लगभग 90 आशा कार्यकर्ता पूरे वित्तीय वर्ष में विभिन्न कार्यक्रमों में निष्क्रिय रही हैं। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिया। साथ ही सक्रिय एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाली आशाओं को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा प्रेरणा कैंटीन योजना की समीक्षा करते हुए सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अधीक्षकों को निर्देशित किया कि जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत भर्ती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण एवं समय पर भोजन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इसके अतिरिक्त बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, संस्थागत प्रसव, पोषण कार्यक्रम, टीबी उन्मूलन, परिवार नियोजन, संचारी रोग नियंत्रण तथा अन्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति की जाए। बैठक में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे शासन की मंशा के अनुरूप पूर्ण जिम्मेदारी एवं समर्पण के साथ कार्य करें तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार लाते हुए आम जन को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के समस्त संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि तथा पार्टनर एजेंसियों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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