कोरबा 03 मई (आरएनएस)। कोरबा जिले में पुलिसिंग को अधिक संवेदनशील, जनहितैषी और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से रक्षित केंद्र कोरबा में पुलिस व्यवहार प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री लखन पटले द्वारा कार्यक्रम का संचालन किया गया।
इस प्रशिक्षण में जिले के सभी थाना प्रभारियों, पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में नागरिकों, फरियादियों और पीडि़तों के साथ सम्मानजनक और शालीन व्यवहार को पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी बताया गया।
पुलिस सेवक है, मालिक नहीं
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि थाने में आने वाला हर व्यक्ति किसी समस्या या पीड़ा से गुजर रहा होता है। ऐसे में पुलिस का व्यवहार ही उसकी सबसे बड़ी पहचान बनता है।
अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि-
हर शिकायतकर्ता की बात धैर्यपूर्वक सुनी जाए
एफआईआर दर्ज करने में अनावश्यक देरी या मना न किया जाए
हर शिकायत को विधिवत दर्ज कर समय पर जानकारी दी जाए
कानून और अधिकारों की दी गई जानकारी
कार्यक्रम में संविधान, बीएनएसएस 2023, बीएनएस 2023, एससी/एसटी 1989, मानवाधिकार और सुप्रीम कोर्ट के क्ज्ञ ठेंन ळनपकमसपदमे की विस्तृत जानकारी दी गई।
गिरफ्तार व्यक्तियों के अधिकार, महिला और कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशीलता पर विशेष जोर दिया गया।
वीडियो के जरिए व्यवहार की सीख
अधिकारियों को अच्छे और बुरे पुलिस व्यवहार के उदाहरण वीडियो के माध्यम से दिखाए गए। साथ ही यह बताया गया कि अभद्र व्यवहार या शक्ति का दुरुपयोग करने पर कानूनी और विभागीय कार्रवाई हो सकती है।
एआई और स्मार्ट पुलिसिंग पर फोकस
प्रशिक्षण में आधुनिक तकनीक, स्मार्ट पुलिसिंग और एआई आधारित सिस्टम के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया।
बताया गया कि-
साइबर अपराध जांच
डिजिटल निगरानी
डेटा विश्लेषण
रिकॉर्ड प्रबंधन में एआई तकनीक तेजी से अहम भूमिका निभा रही है, जिससे पुलिसिंग अधिक पारदर्शी और प्रभावी बन रही है।
सोशल मीडिया और जनसंपर्क पर जोर
अधिकारियों को सोशल मीडिया के प्रभाव और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए बेहतर जनसंपर्क स्थापित करने के बारे में भी प्रशिक्षित किया गया।
हर फरियादी किसी का परिवार है
कार्यक्रम के अंत में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने कोरबा पुलिस व्यवहार संकल्प लिया, जिसमें हर नागरिक के साथ सम्मानजनक व्यवहार और कानून के दायरे में रहकर कार्य करने का वचन दिया गया।
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